फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2025 केंद्र सरकार ने फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर-नैनीताल रेलवे लाइन को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति वर्षों से चली आ रही जनभावनाओं की जीत है। इससे न सिर्फ क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी बल्कि आम जनमानस को भी सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी क्षेत्रीय सांसद अरुण सागर को दी।
वर्षों पुरानी मांग को मिली हरी झंडी
फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और खीरी के लाखों लोगों के लिए यह रेलवे लाइन लंबे समय से एक सपना बनी हुई थी। 2013 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वे कराया गया था, लेकिन परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब केंद्र सरकार ने इस लाइन को स्वीकृति देकर लोगों की आशा को नई ऊर्जा दी है।
प्रस्तावित रूट व लाभ
यह रेलवे लाइन फर्रुखाबाद से चलकर जलालाबाद, मीरानपुर कटरा, रोजा होते हुए शाहजहांपुर तक जाएगी और आगे नैनीताल तक विस्तार की संभावना है।
इस रेल लाइन से –
★फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और आसपास के जिलों का सीधा संपर्क नैनीताल और कुमायूं क्षेत्र से हो जाएगा।
★औद्योगिक इकाइयों जैसे रोजा पावर प्लांट, टाटा कैमिकल्स इत्यादि को भी रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
★व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
★युवाओं को नौकरी और ट्रांसपोर्ट के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे।
कांग्रेस सरकार में हुआ था सर्वे, अब मिली स्वीकृति
2013 में कांग्रेस सरकार ने इस लाइन का सर्वे कराया था, जो लगभग 150 किलोमीटर लंबा प्रस्ताव था। हालांकि यह केवल कागज़ों में सिमट कर रह गया था। अब मोदी सरकार ने इसे हरी झंडी देकर क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।
सांसद अरुण सागर की भूमिका
शाहजहांपुर के सांसद अरुण सागर ने इस प्रस्ताव को बार-बार संसद में उठाया और जनहित में इसे स्वीकृत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेलवे मंत्री द्वारा दी गई जानकारी से स्थानीय जनता में खुशी की लहर है।

स्थानीय जनता में उत्साह
रेलवे लाइन की स्वीकृति की खबर आते ही शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, जलालाबाद, मीरानपुर कटरा, रोजा, लखीमपुर खीरी समेत अन्य क्षेत्रों में जश्न का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि इससे शिक्षा, रोजगार और कारोबार को नई उड़ान मिलेगी।
निष्कर्ष:
फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर-नैनीताल रेलवे लाइन का स्वीकृत होना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इससे न केवल भौगोलिक दूरी कम होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यह रेलवे परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के इस हिस्से के विकास की रीढ़ साबित हो सकती है।
