जौनपुर से सपा के सांसद व एनआरएचएम घोटाले के आरोपी बाबू सिंह कुशवाहा और दवा कारोबारी सौरभ जैन के खिलाफ ईडी/सीबीआई कोर्ट में मुकदमा चलेगा। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने ईडी कोर्ट में सोमवार को फाइल पेश कर दी। बाबू सिंह कुशवाहा और सौरभ जैन के खिलाफ विशेष सीबीआई कोर्ट में करोड़ों रुपये के एनआरएचएम घोटाले से जुड़े कई केसों में आरोपी हैं। अदालत ने केस पर सुनवाई के लिए दोनों मामलों में 25 सितंबर की तारीख लगाई है। बसपा शासन काल के दौरान एनआरएचएम के तहत हुए करोड़ों रुपये के दवाई घोटाले में सीबीआई ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, दवा कारोबारी सौरभ जैन समेत अन्य को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया था। एनआरएचएम के तहत हुए घोटाले की सुनवाई वर्तमान में सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में विचाराधीन है। हाल ही में ईडी ने लखनऊ में कार्रवाई कर बाबू सिंह कुशवाहा की करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच की है। जांच के बाद बाबू सिंह कुशवाहा और दवा कारोबारी सौरभ जैन के खिलाफ हैं मुकदमा दर्ज कर फाइल को गाजियाबाद स्थित ईडी कोर्ट में पेश किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने बहुजन समाज पार्टी की सरकार में हुए एनआरएचम घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। कुशवाहा एनआरएचम घोटाले में कई महीने तक डासना जेल में भी बंद रहे थे। वर्ष 2007 में मायावती की सरकार थी। बाबू सिंह कुशवाहा मायावती सरकार में मंत्री थे। उनके कार्यकाल में प्रदेश में बड़े स्तर पर एनआरएचएम घोटाला हुआ था।
वर्ष 2005 में केंद्र की यूपीए सरकार ने नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) योजना शुरू की थी। इसमे केंद्र के भेजे गए बजट में मायावती सरकार पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इसकी वजह से दो सीएमओ डॉ. विनोद आर्य और डॉ. बीपी सिंह की लखनऊ में 2010 और 2011 में हत्या हो गई थी। बाद में इसी मामले में घोटाले के आरोपी जेल में बंद डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईएस सचान जेल में मृत पाए गए थे। पूरे प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले की सुनवाई गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में चल रही है।