बरेली में विशाल बौद्ध जयंती धूमधाम से मनाई गई ।

विशाल बौद्ध जयंती समारोह में मुख्य अतिथि नीरज मौर्य सांसद आंवला , मुख्य वक्ता टी प्रसाद शाक्य पूर्व आई एस, मंत्री विशिष्ट अतिथि अगम मौर्य जी पूर्व जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी ,वा अध्यक्षता ज्ञानेंद्र मौर्य ने की और साथ पीलीभीत के सतेद्र मौर्य प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ समाजवादी पार्टी को भी अतिथि के रूप में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता, साथ विशिष्ट अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि मई बैशाख महा में बुद्ध पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं से जुड़ा है इसी दिन इनका जन्म हुआ था इसी दिन गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया और इसी दिन उनका कुशीनगर में परिनिर्माण हुआ का इसलिए बुद्ध पूर्णिमा भारत ही नहीं विश्व के कई देशों में बौद्ध पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाती है उनका जन्म 563 ईसा पूर्व नेपाल के लुम्बिनी (लाइट ऑफ एशिया ) के नाम भी जाने जाते है और भारत की भी पहचान भी बुद्ध के नाम है इसके साथ महान सम्राट अशोक मौर्य जी ने कलिंग युद्ध विजय के वाद बौद्ध धर्म अपनाने के साथ देश विदेशों में बौद्ध धर्म उनके विचारों का प्रचार किया हजारों शिलालेख भी बनवाए उसके बाद डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाया साथ ही भारत ही नहीं बुद्ध को विश्व में दया, मैत्री, न्याय,समता, स्वतंत्रता, बंधुता, प्रेम और अहिंसा तथा अप्प दीपो भव (अपना दीपक स्वयं बनो) का संदेश देकर पूरी दुनिया में भारत की पहचान करवाने वाले महामानव तथागत गौतम बुद्ध करुणा के सागर, अहिंसा, शांति,ज्ञान के प्रतीत के रूप में लोग जानते और मानते है जयंती के कार्यक्रम आयोजक टीम बनवारी लाल मौर्य , भूपेन्द्र मौर्य , रमेश मौर्य, देवेन्द्र मौर्य,शिवकुमार मौर्य, शैलेन्द्र मौर्य, गीता मौर्य,समाजसेवी सावित्री देवी ,बौद्ध भांते जी संयोजक _ रामपाल मौर्य साथ ही आयोजक टीम ने सभी अतिथियों को पंचशील पट्टा के साथ सभी को बौद्ध प्रतिमा देकर सम्मानित किया साथ ही कार्यक्रम में हज़ारों की संख्या में आए दूर दराज से सभी सम्मानित पुरुष महिलाओं का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया।