फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 मार्च 2026 जनपद में रसोई गैस की वर्तमान स्थिति को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गैस एजेंसी संचालकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसी मालिकों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायंकाल 6:00 बजे तक स्वयं अपने काउंटर पर उपस्थित रहें और उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि एजेंसी संचालक ग्राहकों को यह स्पष्ट रूप से बताएं कि जनपद में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी ग्राहकों की 100 प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) सुनिश्चित की जाए और गैस सिलेंडर का वितरण केवल बुकिंग के आधार पर ही किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि एजेंसी संचालक व्यवस्था को नौकरों के भरोसे न छोड़ें और स्वयं निगरानी करते हुए लंबित बुकिंग (बैकलॉग) को शीघ्रता से निस्तारित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि 25 दिन से पहले नई बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी और वितरण क्रमिक रूप से किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि वे फोन पर उपलब्ध रहें, ताकि ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके। फोन पर अनुपस्थिति से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनती है, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने गैस वितरण में कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने और हाकरों की गतिविधियों को नियंत्रित रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक में यह भी कहा गया कि गैस सिलेंडरों का डायवर्सन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। जिलाधिकारी ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर न ध्यान दें, न विश्वास करें और न ही सोशल मीडिया पर ऐसी सूचनाओं को आगे बढ़ाएं। यदि किसी प्रकार की भ्रामक सूचना या समस्या सामने आती है तो तुरंत सक्षम प्राधिकारी को सूचित करें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस का सहयोग भी लिया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई सुझाव या शिकायत हो तो वह संबंधित सक्षम अधिकारी को अवगत करा सकता है। किसी भी अप्रिय स्थिति में प्रशासन से सहयोग लिया जा सकता है।
