गंभीर ने ‘फॉलो द ब्लूज’ कार्यक्रम में कहा कि सुपर-8 चरण में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच लगभग क्वार्टरफाइनल जैसा था और उस मैच में 195 रन के लक्ष्य का पीछा करना बिल्कुल आसान नहीं था। ऐसे दबाव वाले मुकाबले में सैमसन ने बेहद शांत और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की, जिससे टीम का मनोबल काफी बढ़ा। उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू की 97 रन की पारी हमारे अभियान का सबसे बड़ा मोड़ थी। उस मैच के बाद टीम को विश्वास हो गया कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही ईशान किशन की नंबर तीन पर बल्लेबाजी ने भी टीम को मजबूती दी।’
टी20 विश्व कप 2026 में सैमसन ने शुरुआती मैचों में जगह नहीं बनाई थी। उन्हें ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। इसके बाद सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें मौका मिला, जहां उन्होंने 15 गेंदों पर 24 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए नॉकआउट मुकाबलों में धमाकेदार प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जैसे अहम मैच में सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन बनाए। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 46 गेंदों पर 89 रन की शानदार पारी खेली और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
