फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 फरवरी 2026 ऑफिसर्स क्लब फतेहगढ़ में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फर्रुखाबाद के तत्वावधान में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से स्टॉल लगाकर आमजन को सड़क सुरक्षा, चालान प्रक्रिया तथा ऑनलाइन सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर में अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत तथा यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार ने उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा स्टॉल पर वर्तमान में लागू प्रशमन शुल्क (कम्पाउंडिंग फीस) की दरों का चार्ट प्रदर्शित किया गया।
प्रमुख दंड शुल्क की जानकारी
बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर ₹1000
वैध बीमा के बिना वाहन चलाने पर प्रथम अपराध ₹2000, द्वितीय अपराध ₹4000
वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) न होने पर ₹10000
बिना फिटनेस वाहन चलाने पर प्रथम अपराध ₹5000, द्वितीय अपराध ₹10000
अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकता है। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।
ई-चालान प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी
एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि 21 जनवरी 2026 से इलेक्ट्रॉनिक चालान (ई-चालान एवं आईटीएमएस) के निपटारे की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
वाहन स्वामी 45 दिनों के भीतर चालान स्वीकार कर भुगतान कर सकता है या आपत्ति दर्ज कर सकता है।
45 दिनों में आपत्ति दर्ज न होने पर 30 दिन के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा।
आपत्ति प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी 30 दिनों में उसका निस्तारण करेगा।
निस्तारण न होने पर चालान स्वतः समाप्त माना जाएगा।
आपत्ति निस्तारण के बाद 30 दिनों में भुगतान न करने पर वाहन सीज किया जा सकता है।
कोर्ट में चुनौती देने के लिए चालान राशि का आधा भुगतान आवश्यक होगा।
बार-बार उल्लंघन पर सख्ती
नए प्रावधानों के अनुसार एक वर्ष में पाँच या अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है तथा वाहन को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
उपकरणों का प्रदर्शन
स्टॉल पर डेसिबल मीटर, ई-चालान टैब, ब्रेथ एनालाइजर तथा हेलमेट आदि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन उपकरणों के माध्यम से यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित हुए। आयोजन का उद्देश्य आमजन को विधिक सहायता के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति सजग एवं जिम्मेदार बनाना रहा।
