दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में पार्किंग और परिवहन व्यवस्था को लेकर पिछली सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक पार्किंग है और इस दिशा में मौजूदा सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में एक बेहद शानदार मल्टी लेवल पार्किंग बनकर तैयार हुई है, जो बहुत कम समय में पूरी की गई. यह इस बात का प्रमाण है कि अगर नीयत साफ हो तो विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार का दुर्भाग्य यह रहा कि उसने कभी केंद्र सरकार और उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के साथ मिलकर काम करने की कोशिश ही नहीं की. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री ‘शीशमहल’ बनाने में व्यस्त थे, तब दिल्ली की जनता की सुध उपराज्यपाल ने ली. रेखा गुप्ता ने कहा कि आज उन्हें खुशी है कि जनता के एक वोट की ताकत ने दिल्ली में विकास कार्यों को फिर से गति दी है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक को अपनाया है. उन्होंने कहा कि चार महीने पहले पंजाबी बाग में ऑटोमेटिक मल्टी लेवल पजल कार पार्किंग का उद्घाटन किया गया था. इस पार्किंग में गाड़ी बस एंट्री गेट पर खड़ी करनी होती है और सिस्टम खुद गाड़ी को ऊपर ले जाकर सुरक्षित स्थान पर रख देता है. इसमें किसी व्यक्ति को अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. इसी तरह ग्रेटर कैलाश में भी एक आधुनिक ऑटोमेटिक शटल कार पार्किंग शुरू की गई है, जो बहुत अच्छे से काम कर रही है.
रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर पिछली सरकारों का रिकॉर्ड देखा जाए तो उनके कार्यकाल में एक भी पार्किंग प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ. रानी बाग और शास्त्री पार्क में पार्किंग बनाने की योजनाएं जरूर बनीं, लेकिन उनकी फाइलें आज तक नहीं मिलीं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने दिल्ली परिवहन व्यवस्था दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को करीब
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछली सरकार ने एक निजी कंपनी DIMS से ऐसा अनुबंध किया, जिसमें पूरे DTC का संचालन ही प्राइवेट हाथों में दे दिया गया. इसके लिए केवल कुछ डिपो चलाने के नाम पर 80 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि DTC के अपने 7800 ड्राइवर और 4000 कंडक्टर खाली बैठे रहे. सरकार को दोहरा नुकसान हुआ एक तरफ अपने कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देना पड़ा और दूसरी तरफ निजी कंपनी के ड्राइवरों को भी भुगतान किया गया.
