फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 फरवरी 2026 जनपद में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की गई विभागीय जांच में प्राथमिक विद्यालय दारापुर, ब्लॉक राजेपुर की शिक्षण व्यवस्था बेहद खराब पाई गई है। भारतीय किसान यूनियन के 18 नवंबर 2025 के ज्ञापन तथा प्रकाशित समाचार के आधार पर खण्ड शिक्षा अधिकारी शमशाबाद और मोहम्मदाबाद को जांच के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुपालन में संयुक्त जांच आख्या प्रस्तुत की गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार 19 जनवरी को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें छात्रों की उपस्थिति अत्यंत कम पाई गई। विभिन्न कक्षाओं में नामांकित छात्रों की तुलना में बहुत कम छात्र उपस्थित थे और अधिकांश बच्चे विद्यालय परिसर में खेलते हुए मिले। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापक श्री पुष्पेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठे आराम करते पाए गए, जबकि सहायक अध्यापक श्री सत्यदेव वर्मा कक्षा में मोबाइल फोन पर व्यस्त थे। अन्य कई शिक्षक एवं शिक्षामित्र भी शिक्षण कार्य के बजाय इधर-उधर बैठे मोबाइल में व्यस्त मिले। एक सहायक अध्यापिका विद्यालय में बिना अवकाश आवेदन के अनुपस्थित पाई गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि निरीक्षण के दिन किसी भी कक्षा में शिक्षण कार्य नहीं कराया गया था। विद्यालय में समय-सारणी तैयार नहीं थी, छात्रों की कॉपियां जांची नहीं जा रही थीं तथा छात्र उपस्थिति रजिस्टर भी अधूरा मिला। कई तिथियों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। इसके अतिरिक्त दिसंबर 2025 की अर्धवार्षिक परीक्षा की कॉपियां भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं, जिससे परीक्षा न कराए जाने की आशंका व्यक्त की गई।
छात्रों के शैक्षिक स्तर के मूल्यांकन में भी स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। कक्षा 3, 4 और 5 के कई छात्र साधारण हिंदी शब्द लिखने और पढ़ने में असमर्थ पाए गए तथा सामान्य सामान्य ज्ञान संबंधी प्रश्नों का उत्तर भी नहीं दे सके। जांच अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि विद्यालय के शिक्षक अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह हैं और विभागीय निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने प्रधानाध्यापक सहित संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोकने का आदेश जारी किया है, जो फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके अलावा एक सहायक अध्यापिका के अनुपस्थित दिन का वेतन भी अवरुद्ध किया गया है तथा संबंधित शिक्षामित्रों का मानदेय विद्यालय की गुणवत्ता में सुधार होने तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
