माओवाद के खिलाफ सरकार की निर्णायक लड़ाई’, राष्ट्रपति ने कहा- खत्म हो रहा भय और डर का माहौल

जगदलपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को बस्तर पंडुम का शुभारंभ करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि माओवादियों के खिलाफ सरकार की निर्णायक कार्रवाई ने बस्तर क्षेत्र में भय व अविश्वास के माहौल का अंत कर दिया है। बस्तर में विकास का एक नया सवेरा हो रहा है। राष्ट्रपति ने हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हुए लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा रखें, शांति के मार्ग से विचलित करने की कोशिश करने वालों के बहकावे में नहीं आएं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘‘बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं ने हमेशा लोगों को आकर्षित किया है लेकिन दुर्भाग्य से यह क्षेत्र वर्षों तक माओवाद के खतरे से पीड़ित रहा।’’ उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने युवाओं, आदिवासियों और दलितों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों से जुड़े लोग अब हिंसा छोड़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति लौट रही है।

राष्ट्रपति ने कहा, भारत सरकार द्वारा माओवादियों के खिलाफ की गई निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप भय और अविश्वास का माहौल खत्म हो गया। मुर्मू ने कहा कि उन्हें सूचित किया गया है कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मुख्यधारा में लौटने वाले लोग सामान्य और गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।