फर्रुखाबाद में महिला आयोग की जनसुनवाई, संपत्ति विवाद से लेकर भरण-पोषण तक 9 शिकायतों पर सुनवाई

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 फरवरी 2026 आज विकास भवन में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता देवी द्वारा जनशिकायतों की सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं और परिजनों से जुड़ी कुल 9 शिकायतें सामने आईं, जिन पर आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पहली शिकायत एक बुआ की थी, जिन्होंने अपने भतीजे का 11 वर्षों तक पालन-पोषण किया। आरोप है कि संपत्ति हड़पने की नीयत से उसके खानदान के लोगों ने बच्चे को बहला-फुसलाकर ले लिया। पीड़िता ने बच्चे को वापस दिलाने की मांग की।

दूसरी शिकायत में एक महिला ने बताया कि पड़ोस की लड़की ने अपने कपड़े फाड़कर कोतवाली पहुंचकर उसके 15 वर्षीय बेटे पर झूठा आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी, जिससे पुलिस उसे लगातार परेशान कर रही है। यह मामला कादरी गेट थाना क्षेत्र का है। इस पर महिला आयोग की सदस्य ने सीओ सिटी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

इसके बाद एक महिला ने शिकायत की कि वह अपनी बालिग पुत्री का विवाह उसकी मर्जी के लड़के से नहीं होने देना चाहती, जबकि पुत्री अपनी पसंद से विवाह करना चाहती है। इस पर आयोग की सदस्य ने बेटी को बुलवाया, जिसने दोपहर 2 बजे उपस्थित होने की बात कही।

एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि उसका पुत्र और पुत्रवधू उसे मारते-पीटते हैं, घर के काम कराते हैं और रोटी तक नहीं देते, जबकि मकान उसी के नाम है। इस मामले में परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से समाधान के निर्देश दिए गए।

इसके बाद एक पिता अपनी बेटी को लेकर पहुंचे। बेटी ने बताया कि ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया है, न तो घर में प्रवेश दे रहे हैं और न ही कोई खर्च दे रहे हैं।

राजेपुर थाना क्षेत्र से आए एक युवक ने शिकायत की कि उसकी बहन एक माह से लापता है, लेकिन पुलिस अब तक न तो उसे खोज पाई है और न ही प्रभावी कार्यवाही की गई है। जिन लोगों से लड़की की बातचीत होती थी, उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित तीन युवकों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

एक महिला ने बताया कि अदालत के आदेश पर उसका पति उसे गुजारा भत्ता देता था। पति गबन का आरोपी है और अब रिटायर हो चुका है, लेकिन पेंशन से उसे कोई हिस्सा नहीं दे रहा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह दोबारा अदालत का खर्च नहीं उठा पा रही। इस पर सदस्य महोदया ने बीएसए को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

एक अन्य महिला ने शिकायत की कि उसे परिवार और ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया है। पति भी उसे अपने घर में रखने से इंकार कर रहा है। इस मामले में महिला आयोग की सदस्य ने पहले परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से समझाने और समाधान न होने पर कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं। महिला आयोग की सदस्य सुनीता देवी ने कहा कि तीन सप्ताह के भीतर सभी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने पिछली जनसुनवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मामले में शिक्षक द्वारा बच्चे की पिटाई से गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उस पर क्या कार्रवाई हुई, यह बताने में अधिकारी असहज नजर आए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।

महिला आयोग की इस जनसुनवाई में सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।