फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 जनवरी 2026 गंगा नदी के पौराणिक पंचाल घाट पर शनिवार को श्री रामनगरिया मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ मेले का विधिवत उद्घाटन किया।
03 जनवरी से 03 फरवरी तक चलने वाले इस एक माह लंबे मेले में देश-प्रदेश से आए हजारों साधु-संत और कल्पवासी गंगा तट पर कुटिया बनाकर निवास कर रहे हैं। श्रद्धालु नियमित स्नान, पूजा-पाठ, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर रहे हैं। मेला क्षेत्र में धर्म, साधना, भक्ति और भारतीय परंपराओं का जीवंत संगम देखने को मिल रहा है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा स्थापित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन जिलाधिकारी ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वरोज़गार और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। श्रद्धालु और आगंतुक रुक-रुककर योजनाओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आए परिवारों ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण कर योजनाओं का लाभ समझा। इससे मेले में धार्मिक अनुभव के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त संदेश देखने को मिला।
प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि रामनगरिया मेला श्रद्धा और भक्ति के साथ आरंभ हुआ है और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए एक कोतवाली एवं 11 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। सात वॉच टावरों पर आधुनिक उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से छावनी में तब्दील किया गया है।
भव्य रूप में सजा मेला परिसर
इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, भव्य प्रवेश द्वार, सुसज्जित मंच और कल्पवास क्षेत्र मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव प्रस्तुत कर रहा है।
मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत, रामकथा, भजन-कीर्तन और विकास प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व
रामनगरिया मेले में कल्पवास का विशेष महत्व है। मान्यता है कि एक माह का कल्पवास आत्मशुद्धि और पुण्य की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। कल्पवासी गंगा स्नान, जप-तप, यज्ञ, दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है।
ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक व्यवस्थाएं
वर्षों पुराना रामनगरिया मेला आज जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए—पुलिस बल व पीएसी की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस व मेडिकल कैंप, खोया-पाया केंद्र, महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा, स्वच्छता व पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है।
मेले की वेबसाइट का शुभारंभ
मेला सचिव एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष माघ मेला रामनगरिया की एक आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालु मेले से जुड़ी सभी जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
उद्घाटन के अवसर पर गंगा तट पर बनारस से आए आचार्यों द्वारा भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। आरती के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। गंगा तट पर गूंजते मंत्रोच्चार और दीपों की जगमगाहट ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रामनगरिया मेला 2026 श्रद्धा, संस्कृति और सुव्यवस्था का अनुपम उदाहरण बनकर गंगा तट पर अपनी भव्य उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
