गोला गोकर्णनाथ : ( द दस्तक 24 न्यूज ) बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड गोला के विरुद्ध गन्ना भुगतान न करने के मामले में चार माह पूर्व कोतवाली में दर्ज करवाए गए मुकदमे में पुलिस अब तक गिरफ्तारी तो दूर कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है इसके विपरीत दर्ज मुकदमे की विवेचना में बयान दर्ज करवाने के लिए एसपी को प्रार्थना पत्र और बयान के रूप में अपना नोटेरियल शपथ पत्र देने वाले गन्ना किसानों को कोतवाली से फोन कर थाने बुलाया जा रहा है जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।
29 अगस्त को सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव बलवंत चौधरी ने कोतवाली में कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय कुमार शर्मा, तत्कालीन यूनिट हेड नीरज बंसल, कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी सुनील ओझा, डीएम लीगल के विरुद्ध गन्ना किसानों का आर्थिक शोषण, कृषकों के साथ विश्वास घात, धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था पुलिस ने मुकदमे में धारा 318 और 61 ( 2) लगाई थी मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की।
राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन से संबद्ध सात किसान सहकारी गन्ना विकास समिति के डेलीगेट राजेश कुमार मूडा अर्जुन, अनिल कुमार नौगवां , शिवदयाल वर्मा और रूपेंद्र कुमार ढखवा, तिलकराम कैमहरी, रामनिवास रामनगर,सुरजन लाल वर्मा अजान, ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया प्रार्थना पत्र के साथ फोटो और आधार की कॉपी लगा हुआ स्टांप पर टाइप नोटेरियल शपथ पत्र भी दिया था जिसमें यह लिखा गया था कि नोटेरियल शपथ पत्र उनका लिखित बयान है जिसे केश डायरी में अक्षरश: दर्ज किया जाए। शपथ पत्र के साथ सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश रामचंद्र एंड सन्स बनाम कन्हैयालाल मुकदमे की प्रति और उत्तर प्रदेश शुगरकेन सप्लाई एंड परचेज एक्ट 1953 की धारा 17, शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर 1966 की नियमावली 1(3), वैक्यूम पेन शुगर फैक्ट्री लाइसेंस इन ऑर्डर 1969 की धारा तीन की प्रतियां संलग्न की गई थीं। गबन और आपराधिक न्यास भंग की धाराएं लगाने और बजाज ग्रुप के अध्यक्ष कुशाग्र बजाज महाप्रबंधक आनंदमई बजाज सहित सात निदेशकों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की मांग की गई थी।
राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्री कृष्ण वर्मा और जिला अध्यक्ष संतोष सिंह भदौरिया का कहना है कि लगभग चार माह तक पुलिस इस मुकदमे में हांथ पर हांथ धरे बैठी रही कोई कार्रवाई नहीं की जिससे बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड के अधिकारियों के हौसले बुलंद हुए और मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्होंने पिछला भुगतान नहीं किया और नवीन पेराई सत्र का भी करोड़ों रुपया बकाया हो गया है भुगतान न कर चीनी मिल मालिक एवं जिम्मेदार अधिकारी अपराध पर अपराध कर रहे हैं , पुलिस आरोपियों पर तो कोई कार्यवाही नहीं कर रही है इसके विपरीत बयान दर्ज करने के लिए शपथ पत्र देने वाले गन्ना किसानों को फोनकर थाने बुलाया जा रहा है जब कि किसान अपना नोटेरियल शपथ पत्र ही बयान दर्ज करने के लिए दे चुके हैं। किसानों को फोन कर थाने बुलाना माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के विरुद्ध है जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को बिना किसी लिखित नोटिस के थाने नहीं बुलाया जा सकता है। किसान नेताओं ने मांग की है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर किसानों के शपथ पत्र और साक्ष्यों के आधार पर जल्दी चार्जशीट दाखिल करें अन्यथा वह उच्च न्यायालय की शरण लेकर सत्याग्रह करेंगे।
लखीमपुर खीरी : बजाज मिल के अधिकारियों पर 4 माह पूर्व दर्ज हुए मुकदमे के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, पुलिस पीड़ित किसानों को बुला रही थाने
