बैठक के दौरान जनपद में गंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र अंतर्गत उच्च प्राथमिकता वाले चिन्हित आर्द्रभूमियों बस्तौली ब्रह्मपुर, रामछितौनी एवं सिकंदरपुर खुर्द को अधिसूचित कराए जाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके पश्चात गंगा संरक्षण, जल गुणवत्ता में सुधार, नदियों-नालों तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) से संबंधित सैंपलिंग रिपोर्टों की समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कादरगंज घाट पर एक सामुदायिक शौचालय के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गंगा ग्रामों में स्थापित सभी आर.आर.सी. केंद्रों को क्रियाशील कराया जाए तथा बड़ी ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा संग्रह कर उसका पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए।
इसके उपरांत जिला पर्यावरण समिति की बैठक में नगर निकायों से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के निस्तारण, कम्पोस्ट निर्माण, आर.डी.एफ., वेस्ट-टू-एनर्जी, अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा की गई तथा अस्पतालों से उत्पन्न जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ई-वेस्ट निस्तारण एवं औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर ‘ग्रीन चौपाल’ का आयोजन किया जा रहा है तथा वर्तमान वर्ष के वृक्षारोपण की तैयारियाँ की जा रही हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने वन विभाग को निर्देशित किया कि सड़कों के किनारे किए गए वृक्षारोपण को प्रभावित करने वाले नगर निकायों को लिखित रूप से पत्र प्रेषित किया जाए, जिससे उन स्थलों पर कूड़ा डंप न किया जाए।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित कार्ययोजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। बैठक में गौरी शंकर शर्मा, नवल कुलश्रेष्ठ प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपनिदेशक कृषि सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
