फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 दिसम्बर 2025 जनपद से होकर गुजरने वाला NH-730C इटावा–बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस हाईवे पर रोज़ाना हो रही सड़क दुर्घटनाएँ न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भयावह तस्वीर भी प्रस्तुत कर रही हैं। चौराहे और तिराहे दुर्घटनाओं के स्थायी केंद्र बन चुके हैं, जहाँ प्रतिदिन किसी न किसी परिवार को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ रही है।
चौराहों-तिराहों पर बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं का अभाव
हाईवे पर यातायात सुरक्षा की न्यूनतम व्यवस्थाएँ तक मौजूद नहीं हैं। ज़ेब्रा क्रॉसिंग का पूर्ण अभाव, रेड लाइट सिग्नल स्थापित नहीं, अधिकांश स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद, स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए, यातायात संकेत चिन्ह नदारद, स्पीड लिमिट मीटर तक नहीं लगाए गए। इन कमियों के चलते पैदल यात्रियों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अत्यंत खतरनाक बन गया है।
अवैध खनन के डंपर बढ़ा रहे खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन में लगे तेज़ रफ्तार डंपर वाहन दिन-रात हाईवे पर दौड़ रहे हैं। न तो इन पर कोई निगरानी है और न ही गति सीमा का पालन, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
हाईवे निर्माण कार्य में लगी “गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी” पर घटिया निर्माण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कई स्थानों पर फुटपाथ क्षतिग्रस्त हैं, ईंटें उखड़ चुकी हैं और सड़क किनारे की संरचनाएँ जर्जर हालत में हैं। इसके बावजूद बार-बार की शिकायतों के बाद भी न तो निर्माण कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई और न ही सुधार कार्य शुरू कराया गया।
मुआवज़े और जवाबदेही की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों को निर्माण कंपनी द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
जनहित में प्रमुख मांगें
सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को ₹25-25 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। सभी चौराहों व तिराहों पर तत्काल रेड लाइट सिग्नल, स्पीड ब्रेकर और ज़ेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण कराया जाए। हाईवे पर स्पीड लिमिट निर्धारित कर उसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। अवैध खनन में लगे वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जनता की चेतावनी
स्थानीय जनता की एक ही स्पष्ट और सशक्त मांग है—“अब और हादसे नहीं चाहिए, तत्काल ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जाए।” यदि समय रहते प्रशासन और NHAI ने कदम नहीं उठाए, तो यह हाईवे आने वाले समय में और भी भयावह स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
