फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 दिसंबर 2025 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के संबंध में आज दिनांक 09 दिसम्बर 2025 को सायं 05 बजे जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में एनआईसी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि 10 दिसम्बर 2025 को जनपद के प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ/बीएलए की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य बूथ स्तर पर निर्वाचक नामावली को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी महोदय ने जानकारी दी कि बीएलओ-बीएलए की बैठक में संबंधित ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सेक्रेटरी, सुपरवाइजर तथा नगरीय क्षेत्रों में सभासद की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक की उपस्थिति सूची एवं मिनट्स को फोटोग्राफ सहित संकलित किया जाएगा, जिसे ईआरओ के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
जिलाधिकारी महोदय ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने दल के समस्त बीएलए को निर्धारित बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने हेतु निर्देशित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बीएलए अपने संबंधित बीएलओ से अनट्रेसेबल मतदाताओं की सूची प्राप्त कर उसका सत्यापन करें। यदि किसी वास्तविक एवं पात्र मतदाता का नाम अनट्रेसेबल सूची में पाया जाता है तो उसे तत्काल बीएलओ के माध्यम से संशोधित कराए जाने हेतु उपलब्ध कराया जाए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि बैठक के दौरान यदि कोई ऐसा पात्र व्यक्ति पाया जाता है, जिसका नाम वर्तमान निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है, तो उससे फार्म-6 भरवाया जाएगा, ताकि उसे नामावली में शामिल किया जा सके।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी से श्री मुकेश गुप्ता, समाजवादी पार्टी से श्री सुभाष चन्द्र शाक्य, सीपीआई(एम) से श्री सुनील कटियार, बहुजन समाज पार्टी से श्री आर.डी. बोद्ध, आम आदमी पार्टी से श्री अंकुश सिंह तथा कांग्रेस पार्टी से श्री वरुण त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया, ताकि जनपद में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
