फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 नवंबर 2025 कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आईजीआरएस (IGRS) संदर्भों के निस्तारण से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिपोर्ट की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा अपलोड की जाने वाली आख्या (रिपोर्ट) में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य अवश्य शामिल हों। उन्होंने निर्देश दिए कि—आवेदक से सीधे वार्ता की जाए। स्थलीय निरक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। यदि आवेदक मौजूद न मिले तो दो पड़ोसियों के बयान/गवाह भी रिपोर्ट में संलग्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि आवेदकों से संपर्क न करना सरासर अनुशासनहीनता और गंभीर त्रुटि है।
कई अधिकारियों पर नाराजगी, नोटिस जारी करने के निर्देश
आवेदकों से वार्ता न करने तथा आईजीआरएस संदर्भों में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। इस क्रम में निम्न अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए—सीडीपीओ, राजेपु, एक्सईएन जल निगम (ग्रामीण), एक्सईएन विद्युत, ए.आर. सहकारिता विभाग, सीएचसी बदरपुर, सीएमओ, बीईओ नवाबगंज
दैनिक मॉनीटरिंग अनिवार्य
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचते ही सबसे पहले IGRS पोर्टल चेक करें और निस्तारण अपनी निगरानी में कराएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि—शिकायत से संबंधित वार्ता स्वयं अधिकारी करें। जो संदर्भ संबंधित न हों, उन्हें उसी दिन या अधिकतम अगले दिन वापस करें। शिकायत डिफाल्टर होने से 5 दिन पूर्व ही गुणवत्तापूर्ण आख्या अपलोड कर दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी अधिकारी की लापरवाही से यदि जिला रैंकिंग प्रभावित होती है या संदर्भ डिफाल्टर होता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शिकायतें आम जनता की समस्याओं से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके निस्तारण में लापरवाही और शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
