रूद्राक्ष सभागार, कलेक्ट्रेट कासगंज में मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक में नगर निकायों से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के निस्तारण, कम्पोस्ट, RDF वेस्ट एनर्जी, संग्रहण एवं परिवहन की स्थिति की समीक्षा की गई। निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा हुई। साथ ही, अस्पतालों से निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, ई-वेस्ट निस्तारण तथा औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके पश्चात जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन चौपाल के आयोजन, जिओ टैगिंग अनियमितता में सुधार, पौधों की सुरक्षा-संरक्षण, नियमित सिंचाई तथा पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के उपायों पर जोर दिया गया।
तत्पश्चात जिला गंगा समिति की बैठक में जन-जागरूकता कार्यक्रमों, प्राकृतिक खेती कार्यशाला, गंगा उत्सव कार्यक्रम की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कहा कि नदियों में प्रवाहित अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकने के लिए बूढ़ी गंगा मे जा रहे नालों को चिन्हित कर ड्रोन सर्वे सम्बंधित विभाग द्वारा किया जाये । ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नदी व नालों की जल गुणवत्ता परीक्षण तथा जैव विविधता संरक्षण की समीक्षा की गई। इसके साथ ही, आर्द्रभूमि एवं छोटी नदियों के पुनर्जीवन के अंतर्गत चयनित बूढ़ी गंगा नदी की कार्ययोजना सिंचाई विभाग द्वारा शीघ्र उपलब्ध कराने को निर्देश दिए गए। गंगा ग्राम योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में गंगा संरक्षण के कार्यों चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित कार्ययोजनाओं को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जाए एवं प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी तथा प्रभागीय वनाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
