फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 नवम्बर 2025 प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार और परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 नवम्बर से ‘पुरुष नसबंदी पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इसी दिन खुशहाल परिवार दिवस भी आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत सभी चिकित्सा संस्थानों पर पुरुष लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नसबंदी एवं परिवार नियोजन सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
दो चरणों में चलेगा कार्यक्रम
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीन्द्र कुमार के अनुसार पखवाड़े का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा—पहला चरण (21–27 नवम्बर) : दंपत्ति संपर्क सप्ताह, दूसरा चरण (28 नवम्बर–4 दिसम्बर) : सेवा वितरण सप्ताह
इस दौरान जागरूकता कार्यक्रमों से लेकर चिकित्सा संस्थानों में पुरुष नसबंदी सेवाएं प्रदान करने तक विभिन्न गतिविधियाँ चलेंगी।
खुशहाल परिवार के लिए पुरुष सहभागिता ज़रूरी : डॉ. रंजन गौतम। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं RCH नोडल डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि पखवाड़े की थीम “स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार – पुरुष सहभागिता से होगा सपना साकार” रखी गई है।
पहले सप्ताह में एएनएम व आशा कार्यकर्ता पुरुषों को निम्न बिंदुओं पर जागरूक करेंगी—परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों की जानकारी, सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु (पुरुष 21 वर्ष, महिला 18 वर्ष), विवाह के बाद पहला बच्चा कम से कम दो साल बाद, पहले और दूसरे बच्चे में तीन वर्ष का अंतर, प्रसवोत्तर व गर्भपात पश्चात परिवार कल्याण सेवाएँ
पुरुष नसबंदी पर 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि
डॉ. गौतम ने बताया कि पुरुष नसबंदी के इच्छुक व्यक्ति को प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। महिला नसबंदी कराने पर लाभार्थी को 2000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
28 नवंबर से 4 दिसंबर तक रोजाना नसबंदी सेवाएँ
डॉ. गौतम ने बताया कि डॉ. राममनोहर लोहिया चिकित्सालय में 28 नवंबर से 4 दिसम्बर तक प्रतिदिन पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जिले में वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 21 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से अभी तक 7 नसबंदी हो चुकी हैं। लक्ष्य को पार करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
जनप्रतिनिधियों से भी लिया जाएगा सहयोग
जिला परिवार नियोजन परामर्शदाता विनोद कुमार ने बताया कि जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों व स्वयंसेवी संस्थाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पुरुष नसबंदी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
साथ ही जिला व ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं में परिवार कल्याण सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा। सिर्फ 10–15 मिनट में पूरी हो जाती है प्रक्रिया : डॉ. राजेश माथुर
उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं पुरुष नसबंदी विशेषज्ञ डॉ. राजेश माथुर ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और तेज़ प्रक्रिया है, जिसे पूरा होने में सिर्फ 10–15 मिनट का समय लगता है।
अधिकतम दो दिन आराम की सलाह दी जाती है, और कई मामलों में इसकी भी जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन की पहल पुरुषों को करनी चाहिए क्योंकि पुरुषों की शारीरिक संरचना के अनुसार नसबंदी प्रक्रिया महिलाओं की अपेक्षा काफी सरल होती है।
पुरुष नसबंदी पखवाड़ा परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विभाग की अपील है कि पुरुष आगे आकर इस सुरक्षित व सरल विधि को अपनाएँ और खुशहाल परिवार की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
