कासगंज: जिलाधिकारी प्रणय सिंह द्वारा तीर्थ स्थल सोरों सूकर क्षेत्र के समुचित विकास एवं यहां पर्यटन को बढ़ावा देने व श्रद्वालुओं को सभी आवश्यक जनउपयोगी सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये निरंतर प्रयास जारी

कासगंज: जिलाधिकारी प्रणय सिंह द्वारा तीर्थ स्थल सोरों सूकर क्षेत्र के समुचित विकास एवं यहां पर्यटन को बढ़ावा देने व श्रद्वालुओं को सभी आवश्यक जनउपयोगी सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये निरंतर प्रयास जारी हैं।इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा उ0प्र0शासन को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि जनपद कासगंज स्थित सूकर क्षेत्र सोरों उत्तर भारत का पौराणिक व प्राचीन तीर्थ स्थल है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान श्री विष्णु के तृतीय अवतार भगवान वराह ने पृथ्वी का उद्वार कर स्वयं हरिपदी गंगा कुण्ड स्थान से स्वर्गरोहण किया था। सोरों सूकर क्षेत्र महर्षि कपिल की तपस्थली है। यहां भारत के अति प्राचीन तीन वट वृक्षों में से एक वट वृक्ष तथा भागीरथी गंगा मौजूद है। विभिन्न पुराणों यथा विष्णु पुराण, बराह पुराण, पदम पुराण एवं देवी भागवत पुराण में इस क्षेत्र की महत्ता का वर्णन किया गया है।जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से उ0प्र0 शासन को अवगत कराया है कि इस तीर्थ क्षेत्र में विभिन्न अंचलों से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक/श्रद्वालु अपने धार्मिक कार्यों को पूर्ण करने के साथ ही अपने मृतक परिवारजनों की अस्थि विसर्जन करने, पिण्ड श्राद्व करने के साथ ही एकादशी, पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, प्रांतीय मेला मार्गशीर्ष, पंचकोसी परिक्रमा आदि पर स्नान आदि पुण्य कर्म करने के लिये आते हैं। उ0प्र0 शासन द्वारा दिनांक 30 नवम्बर 2021 को जारी अधिसूचना के माध्यम से नगर पालिका सोरों सूकर क्षेत्र जनपद कासगंज को पवित्र तीर्थ स्थल भी घोषित किया गया है।जिलाधिकारी द्वारा उ0प्र0 शासन से अनुरोध किया गया है कि उक्त के दृष्टिगत तीर्थ स्थल सोरों सूकर क्षेत्र के समुचित विकास व परिक्रमा में आने वाले श्रद्वालुओ व पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक समस्त जनउपयोगी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिये कार्ययोजना तैयार कराने हेतु सम्बन्धितों को निर्देश जारी किये जायें। जिससे तीर्थ स्थल सोरों सूकर क्षेत्र का समुचित विकास हो सके तथा यहां आने वाले श्रद्वालुओं को भरपूर जनउपयोगी सुविधायें उपलब्ध हो सकें।————-