फर्रुखाबाद में स्वदेशी मेला-2025 का भव्य समापन, सांसद मुकेश राजपूत ने किया उत्साहवर्धन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 अक्टूबर 2025 जनपद स्तरीय ट्रेड शो-2025 (स्वदेशी मेला) का आज भव्य समापन मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से भारी जनसमूह उमड़ पड़ा और लोगों ने स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीदारी की।

कार्यक्रम की शुरुआत काकोरी काण्ड पर आधारित नाट्य प्रस्तुति से हुई, जिसने स्वतंत्रता संग्राम की यादें ताज़ा कर दीं। इसके उपरांत सांसद श्री राजपूत ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का भ्रमण कर संचालकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है।”

सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026-27 में स्वदेशी मेले का आयोजन और अधिक भव्य रूप में किया जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके। उन्होंने स्टाल संचालकों को प्रमाण पत्र और विभागीय अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में सांसद श्री राजपूत ने जनमानस से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें और “अपना बाजार फर्रुखाबाद – अपना उत्पाद फर्रुखाबाद” की भावना को साकार बनाएं। उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें अपने बाजार और अपने उत्पादों पर भरोसा करना होगा।”

मेले में केन्द्रीय कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को विशेष सराहना मिली और लोगों ने उनकी खरीदारी कर उत्साह जताया। वहीं दीपावली पर्व को देखते हुए दीपक, रूई, अगरबत्ती आदि के स्टालों पर विशेष भीड़ रही। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री फतेहचन्द्र वर्मा सहित अनेक लोगों ने स्टालों से खरीदारी कर स्वदेशी अभियान को समर्थन दिया।

स्वदेशी मेले में “अपना बाजार फर्रुखाबाद – अपना उत्पाद फर्रुखाबाद” थीम पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर लोगों ने खूब सेल्फी ली और इस आयोजन को यादगार बनाया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग श्री सूर्य प्रकाश यादव, आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के संयोजक डी०एस० राठौर जिला महामंत्री एवं सह संयोजक श्री अमरदीप दीक्षित (जिला मंत्री) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस मेले ने जनपद के स्वदेशी उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूत किया।