फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 अक्टूबर 2025 प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासनादेश संख्या 1/1092245/2025/3313/58-1-2025 (1917687) दिनांक 17 सितंबर 2025 तथा निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उ०प्र० लखनऊ के पत्र संख्या सी-3389 दिनांक 15 अक्टूबर 2025 के माध्यम से जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए हैं।
शासन के निर्देशानुसार, पूर्व में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री या सहायिकाओं के समायोजन को प्राथमिकता दी जाएगी। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि — “यदि कोई कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री या सहायिका शादी के पश्चात अपने ससुराल में निवास कर रही हैं, तो उसकी ससुराल की ग्रामसभा या शहरी क्षेत्र के वार्ड में उसी आरक्षण श्रेणी का पद रिक्त होने पर, जिलाधिकारी की अनुमति प्राप्त कर उसे समायोजित किया जा सकता है।”
इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर 2025 को चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि — जनपद में कार्यरत ऐसी सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सहायिकाएं जो विवाहोपरांत ससुराल में निवास कर रही हैं, वे यदि अपने ससुराल क्षेत्र की ग्रामसभा या वार्ड में उसी आरक्षण श्रेणी का पद रिक्त पाती हैं, तो अपना समायोजन प्रस्ताव 7 कार्य दिवसों के भीतर बाल विकास परियोजना अधिकारी के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें।
प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर समायोजन की कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद, शेष रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी सहायिकाओं से कार्यकत्री पद पर चयन प्रक्रिया संचालित की जाएगी।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, जिसके लिए संबंधित अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होंगे। यह निर्णय प्रदेशभर की हजारों आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, जिससे अब विवाहोपरांत कार्यस्थल से दूर रहने वाली सहायिकाओं और कार्यकत्रियों को अपने ससुराल क्षेत्र में समायोजन का अवसर मिल सकेगा।
मुख्य बिंदु :
शासनादेश दिनांक 17 सितंबर 2025 एवं निदेशालय पत्र दिनांक 15 अक्टूबर 2025 के तहत दिशा-निर्देश जारी। ससुराल क्षेत्र में निवास करने वाली कार्यकत्रियों/सहायिकाओं को समायोजन का अवसर। आवेदन 7 कार्य दिवसों के भीतर संबंधित परियोजना अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करना अनिवार्य। समायोजन के बाद सहायिकाओं से कार्यकत्री पद पर चयन प्रक्रिया होगी। समय सीमा के बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
