फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 अक्टूबर 2025 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद की बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी फर्रुखाबाद द्वारा किया गया। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे सी.सी.एल. (Cash Credit Limit) तथा एंटरप्राइज फाइनेंसिंग के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करें, ताकि गरीब तबके की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे “पॉजिटिव फ्रेम ऑफ माइंड” के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की निराशा या हिचकिचाहट से बचें। उन्होंने कहा कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बैंक प्रणाली की अहम भूमिका है, इसलिए बैंक प्रबंधक ऋण वितरण में उदार रवैया अपनाएं।
महिला स्वावलंबन पर जोर
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट हैदराबाद से आए नेशनल रिसोर्स पर्सन श्री शुभांकर झा और श्री दयानिधि मंत्री ने बैंक अधिकारियों को आजीविका मिशन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और क्लस्टर्स के माध्यम से महिलाओं को 1.5 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी
उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि फर्रुखाबाद जिले में 7447 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 83,126 महिलाएं आर्थिक रूप से सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं को इन समूहों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि महिलाओं को स्वरोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
मिशन शक्ति से जुड़े लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि शासन की “मिशन शक्ति” पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी वित्तीय पहुँच को सशक्त करना है। इस दिशा में बैंकिंग संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे महिला समूहों के खातों के संचालन और ऋण वितरण को सुगम बनाएं।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक (उ.प्र. ग्रामीण बैंक), ब्लॉक मिशन प्रबंधक, डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन और बैंक सखियाँ मौजूद रहीं। कार्यशाला के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंक प्रबंधकों और बैंक सखियों को प्रमाणपत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
