कानपुर में अच्छे अफसर क्यों टिक नहीं पाते? ट्रैफिक सुधार में IPS रवीना त्यागी का योगदान और उनके जाने का असर

कानपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 अक्टूबर 2025 शहर की ट्रैफिक समस्या वर्षों से आम जनता के लिए परेशानी का सबब रही है। ऐसे में जब कोई ईमानदार और कड़क अधिकारी जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का प्रयास करता है, तो उसकी कमी तुरंत महसूस होती है। IPS रवीना त्यागी इसी श्रेणी की अधिकारी हैं, जिन्होंने DCP ट्रैफिक रहते हुए कानपुर की कई जाम-ग्रस्त जगहों पर सुधार की दिशा में अहम कदम उठाए।

रवीना त्यागी जी के प्रयासों के तहत:

कल्याणपुर क्रॉसिंग पर वन-वे सिस्टम लागू कर जाम कम किया गया।

किदवई नगर से टाटमिल तक पुल के बीच डिवाइडर लगवाकर झकरकटी की ओर जाने वाले वाहनों को बिना जाम फंसे जाने की सुविधा मिली।

जरीब चौकी, टाटमिल, घंटाघर जैसे व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

अधिकारी के रूप में रवीना जी की प्राथमिकता हमेशा जनता और शहर की सुविधा रही। लेकिन अफसोस की बात यह है कि कुछ व्यापार मंडल नेता और स्थानीय राजनीतिक हित, जो अराजकता और जाम में ही अपने फायदे देखते हैं, के दबाव में उन्हें पुनः लखनऊ बुला लिया गया।

उनके जाने के बाद कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था न केवल उनके बनाए सिस्टम को आगे नहीं बढ़ा सकी, बल्कि कई स्थानों पर फिर से अव्यवस्था और जाम की समस्या बढ़ गई।

अब सवाल यही उठता है — क्या कानपुर को सच में सुधार चाहिए, या फिर लोग सिर्फ अपनी सुविधा और अपने हितों का शहर चाहते हैं?

कानपुरवासियों के लिए यह सोचने की जगह है कि अच्छे और ईमानदार अफसरों को टिकने देना ही शहर के स्थायी सुधार की कुंजी है।