फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 सितंबर 2025 धम्मा लोको बुद्ध विहार प्रबन्धन सेवा ट्रस्ट एवं इसकी सहयोगी संस्थाओं के तत्वावधान में आगामी 5 व 6 अक्टूबर 2025 को ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थस्थल संकिसा (फर्रुखाबाद) में भव्य बुद्ध महोत्सव (बौद्ध मेला) का आयोजन होने जा रहा है।
संकिसा, बौद्ध जगत के आठ प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जो एटा, मैनपुरी और फर्रुखाबाद जनपदों की सीमाओं पर काली नदी के तट पर स्थित है। इतिहास साक्षी है कि तथागत गौतम बुद्ध ने अषाढ़ पूर्णिमा को श्रावस्ती में यमक प्रतिहार्य के बाद वर्षावास पूर्ण कर अश्विन पूर्णिमा 522 ईसा पूर्व को संकाश्य (संकिसा) आगमन किया था। उस समय शाक्य राजा दीर्घ शक्र की राजधानी रहे इस नगर में स्वयं राजा शुद्धोदन, प्रजापति गौतमी, प्रसेनजित, अजातशत्रु एवं अनेक अर्हत भिक्षुओं के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया था। यह दिन बौद्ध परंपरा में महाप्रवारण दिवस के रूप में विख्यात है।
आयोजन की परंपरा और महत्व
संकिसा में 1940 से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। कभी बुद्ध जयंती, कभी स्वर्गावतरण समारोह, कभी बुद्धागमन समारोह तो अब कई वर्षों से इसे बुद्ध महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देश-विदेश से धम्म अनुयायी, पूज्य भिक्षु, विद्वान एवं समतावादी विचारधारा के प्रचारक एकत्र होकर धम्म का प्रचार-प्रसार करते रहे हैं।
वर्तमान समय में बुद्ध के उपदेश – सत्य, अहिंसा और करुणा – और भी प्रासंगिक हो उठे हैं। संविधान निर्माता बोधिसत्व डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में किए गए ऐतिहासिक दीक्षा समारोह के बाद बुद्ध धम्म को भारत में नई गति मिली। इस वर्ष भी संकिसा का बुद्ध महोत्सव समाज में समानता, न्याय और करुणा का संदेश लेकर जन-जन तक पहुंचेगा।
महोत्सव का विस्तृत कार्यक्रम
05 अक्टूबर 2025 (रविवार)
भिक्षुओं को भोजन : सुबह 11:00 से 12:00 बजे तक
मेले का उद्घाटन एवं बुद्ध वंदना : दोपहर 12:00 से 02:00 बजे तक
भिक्षु सम्मेलन : दोपहर 02:00 से शाम 05:00 बजे तक (संचालन – भिक्षु धम्म कीर्ती)
धम्म सभा : शाम 05:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक
बुद्ध नाम गीत एवं विद्वानों के उपदेश : 05 घंटे तक
बुद्ध नाटक : रात्रि 12:00 बजे से प्रारंभ
06 अक्टूबर 2025 (सोमवार)
धम्म यात्रा : प्रातः 7:00 बजे पाण्डाल से स्तूप तक
स्तूप परिक्रमा एवं पूजा-अर्चना : प्रातः 10:30 बजे तक
आम सभा : अपराह्न 04:00 बजे से
बुद्ध के जीवन पर नाटक : रात्रि 09:00 बजे से भोर तक
आयोजक मंडल
इस महोत्सव के मुख्य आयोजक व संयोजक मंडल इस प्रकार हैं –अनागरिक कर्मवीर शाक्य संरक्षक एवं प्रमुख संयोजक, सुशील शाक्य विधायक अमृतपुर संरक्षक, देवेश शाक्य सांसद, एटा सह संयोजक, भिक्षु डॉ. धम्मपाल महाथैरो सह संयोजक, नागेन्द्र सिंह शाक्य (ट्रस्टी), सुरेश सिंह सह संयोजक, हरवेन्द्र सिंह शाक्य (ट्रस्टी), सरदार सिंह बौद्ध 63 वर्षों से संकिसा से जुड़े, कर्मवीर शाक्य के वैचारिक साथी।
बैठक एवं तैयारियां
बुद्ध महोत्सव 2025 की तैयारियों को लेकर आज धम्मालोको बुद्ध विहार में वरिष्ठ ट्रस्टी सरदार सिंह शाक्य की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 5 अक्टूबर को महोत्सव का उद्घाटन भाजपा विधायक सुशील शाक्य द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, पूर्व काबीना मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एवं सांसद बाबू सिंह कुशवाहा को आमंत्रित करने पर भी सहमति बनी।
धम्म यात्रा में झांकियों की व्यवस्था सह संयोजक व संकिसा भिक्षु संघ के अध्यक्ष भंते धम्मपाल थैरो द्वारा की जाएगी। मंच संचालन की जिम्मेदारी नागेंद्र शाक्य, राहुल शाक्य एडवोकेट, सुधीर शाक्य एडवोकेट एवं सुरेंद्र सिंह शाक्य को सौंपी गई। भिक्षु सम्मेलन का संचालन भंते धम्म कीर्ति करेंगे, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम कथावाचक श्याम सुंदर बौद्ध द्वारा संचालित होंगे।
बैठक में राहुल शाक्य एडवोकेट, रघुवीर शाक्य, हरवेदर शाक्य (लहोरे प्रधान), संतोष शाक्य (नर्सरी वाले), लड़ैते लाल उत्तम, डॉक्टर देवेश शाक्य, सुधीर शाक्य एडवोकेट, कथावाचक श्याम सुंदर बौद्ध, राजेश्वरी बौद्ध, डॉक्टर आलोक शाक्य, दिवाकर शाक्य, सुरेश चंद्र शाक्य, गजराज सिंह पाल, रणजीत सिंह, राम नंदन जाटव कोटेदार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।अगली तैयारी बैठक 21 सितंबर 2025 को आयोजित होगी।
विशेष सम्मान
धम्मा लोको बुद्ध विहार के प्रबंधक कर्मवीर शाक्य ने बताया कि इस बार के मेले में समाजसेवी सत्य प्रकाश अग्रवाल, जिन्होंने बुद्ध विहार में लाखों रुपये के विकास कार्य कराए हैं, को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
निष्कर्ष
संकिसा का बुद्ध महोत्सव 2025 केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह समानता, न्याय और करुणा की उस धम्म धारा का सजीव संगम है जो समाज में अंधविश्वास, विषमता और अन्याय के विरुद्ध जनशक्ति को जागृत करता है। धम्म श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता की दिशा में कदम बढ़ाने का एक प्रेरणादायी मंच बनेगा।
