फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 सितंबर 2025 कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, शताब्दी संकल्प @2047” अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों की उपस्थिति रही।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान एक माह तक चलेगा। इसके तहत प्रत्येक सेक्टर के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही जिले से जुड़े 05 प्रबुद्धजन भी नामित किए गए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर जनप्रतिनिधियों, मीडिया, छात्रों, किसानों और समाज के अन्य वर्गों से संवाद करेंगे।
जिलाधिकारी के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने सेक्टर के नोडल होंगे और निर्धारित सेक्टर के अंतर्गत कार्यक्रमों का संचालन कराएंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय तालमेल और सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
चिन्हित 12 प्रमुख सेक्टर
बैठक में “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” संकल्प के अंतर्गत 12 प्रमुख सेक्टर चिन्हित किए गए, जिनमें विभिन्न विभागों की भूमिका तय की गई है :
1. कृषि एवं संबद्ध सेक्टर – कृषि विभाग, कृषि शिक्षा, उद्यान, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, सिंचाई एवं जल संसाधन, सहकारिता।
2. पशुपालन संरक्षण सेक्टर – पशुपालन एवं डेयरी विकास, मत्स्य विभाग।
3. औद्योगिक विकास सेक्टर – औद्योगिक विकास, MSME, खनन विभाग।
4. आईटी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी सेक्टर – आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
5. पर्यटन सेक्टर – पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग।
6. नगर एवं ग्राम्य विकास सेक्टर – नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं नमामि गंगे।
7. अवस्थापना सेक्टर – परिवहन, नागरिक उड्डयन, लोक निर्माण, ऊर्जा विभाग।
8. संतुलित विकास सेक्टर – पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत।
9. समाज कल्याण सेक्टर – समाज कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण।
10. स्वास्थ्य सेक्टर – स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, आयुष विभाग।
11. शिक्षा सेक्टर – बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास।
12. सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर – गृह, होमगार्ड, भाषा एवं सामान्य प्रशासन विभाग।
उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है – प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करना। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, पर्यावरण, आईटी और सुशासन जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यह अभियान न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम होगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी करेगा।
