फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अगस्त 2025 जनपद की सहकारी समितियों एवं सरकारी गोदामों में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, फर्रुखाबाद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त खेप मौजूद है और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
गोदामों में उपलब्ध उर्वरक
★एसडब्ल्यूसी गोदाम में:
यूरिया – 925.065 एमटी
डीएपी – 371.000 एमटी
एनपीके – 2095 एमटी
★पीसीएफ गोदाम में:
यूरिया – 3352 एमटी
डीएपी – 1885 एमटी
एनपीके – 1477 एमटी
इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय समिति कायमगंज उ० में भी वितरण हेतु 11.250 एमटी यूरिया, 22.200 एमटी डीएपी और 13.000 एमटी एनपीके उपलब्ध है। साथ ही 15-15 एमटी यूरिया व डीएपी की अतिरिक्त खेप भी भेजी जा रही है। इफको बाजार कायमगंज में भी 20 एमटी यूरिया एवं 20 एमटी एनपीके किसानों को वितरण हेतु उपलब्ध है।
★किसानों से वार्ता
किसान अवधेश चतुर्वेदी (निवासी अहमदगंज) एवं
किसान संजेश कुमार (निवासी अजमतपुर)
दोनों ने बताया कि वे कायमगंज उ० समिति के सदस्य हैं, परंतु बाढ़ के पानी से गांव का मार्ग बंद होने के कारण उनका आना-जाना संभव नहीं है। खेतों में पानी भरे होने के कारण इस समय किसी फसल की बुवाई नहीं हो रही है, इसलिए उन्हें अभी उर्वरक की आवश्यकता भी नहीं है। दोनों किसानों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी केंद्र से खाद प्राप्त करने हेतु संपर्क नहीं किया और न ही अखबार में प्रकाशित खबर से वे अवगत थे।
★पारदर्शिता और कड़े निर्देश
सहायक आयुक्त सहकारिता ने बताया कि सभी विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि—
किसानों को उर्वरक का वितरण खतौनी और आधार नंबर के आधार पर निर्धारित मानक अनुसार ही किया जाए।
किसी भी प्रकार की टैगिंग (अन्य वस्तुओं के साथ उर्वरक की जबरन बिक्री) न की जाए।
किसानों से केवल निर्धारित मूल्य ही लिया जाए।
पास मशीन से रसीद निकालकर किसान को अवश्य दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
★निष्कर्ष
जनपद फर्रुखाबाद में सहकारी समितियों व सरकारी गोदामों में उर्वरक की कमी नहीं है। किसानों को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ खाद वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित समिति/केंद्र से ही उर्वरक प्राप्त करें।
