बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी सघन एच.आई.वी./एड्स जागरूकता अभियान की रूपरेखा तैयार करना एवं विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना था। जिलाधिकारी महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह अभियान जनपद स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अधिकतम जनसमूह तक एच.आई.वी./एड्स संबंधी सही जानकारी पहुँच सके।
जिला क्षयरोग अधिकारी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अभियान 12 अगस्त से आगामी दो माह तक संचालित होगा। इस दौरान निम्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी –
- ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठकें – न्यूनतम 150 ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों की सहभागिता से जनजागरूकता बैठकें।
- स्कूल व महाविद्यालयों में जागरूकता सत्र – शिक्षकों व विद्यार्थियों को विषयगत जानकारी दी जाएगी।
- फ्लैश मॉब एवं रैली – सार्वजनिक स्थलों व शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
- डोर-टू-डोर कैम्पेन – प्रत्येक चयनित पंचायत में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सूचना, परामर्श एवं IEC सामग्री वितरण।
- जिला चिकित्सालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर – HIV/AIDS परामर्श, परीक्षण, टीबी एवं हैपेटाइटिस स्क्रीनिंग सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण।
- लोक कला कार्यक्रम – जनपद में पंजीकृत नाटक/नौटंकी दलों के माध्यम से संदेश का प्रसार।
- कारागार, नशा मुक्ति केन्द्र एवं क्लोज सेटिंग्स में विशेष जागरूकता सत्र।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायतीराज विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा विभाग, युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, कारागार विभाग, मद्य निषेध विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा सूचना विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर अभियान की गतिविधियों को सफल बनाएंगे।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि “समाज में एच.आई.वी./एड्स से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी देना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह तभी संभव होगा जब सभी विभाग मिलकर टीम भावना से कार्य करें।” बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला क्षयरोग अधिकारी, पंचायतीराज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
