फर्रुखाबाद:एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को मिलेगा मुफ्त लाभ, आवेदन शुरू

फर्रुखाबाद, 28 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) की नवीन गाइडलाइन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य जारी कर दिए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को उन्नत तकनीकों, विविध फसलों और मशीनरी से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।

योजनाएं और लक्ष्य:

संकर शाकभाजी कार्यक्रम के तहत सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 80 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति के किसानों के लिए 20 हेक्टेयर, कुल 100 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मचान विधि से सब्जी उत्पादन के लिए सामान्य वर्ग हेतु 15 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति हेतु 5 हेक्टेयर, कुल 20 हेक्टेयर आवंटित है।

फल क्षेत्र विस्तार (एक्जाटिक एवं निके फलों पर विशेष ध्यान)

स्ट्रॉबेरी: सामान्य वर्ग में 2 हेक्टेयर

ड्रैगन फ्रूट: 1 हेक्टेयर

करौंदा: सामान्य 2 हे०, अनुसूचित जाति 1 हे० — कुल 3 हे०

केला: सामान्य 20 हे०, अनुसूचित जाति 5 हे० — कुल 25 हे०

आम: सामान्य 2 हे०, अनुसूचित जाति 1 हे० — कुल 3 हे०

पुष्प विस्तार योजना (ग्लैडियोलस)

सामान्य वर्ग 2 हे०, अनुसूचित जाति 1 हे० — कुल 3 हे०

फ्रूट कवर और घेराबंदी

फ्रूट कवर: सामान्य 9 हे०, अनुसूचित जाति 1 हे० — कुल 10 हे०

घेराबंदी: सामान्य 2000 मीटर, अनुसूचित जाति 500 मीटर — कुल 2500 मीटर

मसाला कार्यक्रम

प्याज: 4 हे०,लहसुन: 4 हे०,धनिया: सामान्य वर्ग 1 हे०,जैविक खेती (IPM), सामान्य 4, अनुसूचित जाति 1 — कुल 5 लक्ष्य

परियोजना आधारित बागवानी मशीनीकरण

20 BHP तक ट्रैक्टर: सामान्य 1

पॉवर नैपसेक स्प्रेयर (12-16 लीटर): सामान्य 1

इको फ्रेंडली लाइट ट्रैप: सामान्य 4, अनुसूचित जाति 1 — कुल 5

अन्य लाभ

पुराने बागों का जीर्णोद्धार: सामान्य 1 हे०, मौन पालन: सामान्य 2, अनुसूचित जाति 1 — कुल 3 लाभार्थी

आवेदन प्रक्रिया:

इच्छुक किसान निम्न दस्तावेज़ों के साथ निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं: दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, खसरा-खतौनी की फोटोकॉपी, ₹10 के स्टांप पेपर पर नोटरी किया हुआ शपथ पत्र

आवेदन स्थान:

कार्यालय – आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी,

कमरा नं0-57, विकास भवन, फतेहगढ़, फर्रुखाबाद

यह सुनहरा अवसर जिले के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। शासन की मंशा किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह एक ठोस कदम है। किसान अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करें और योजनाओं का लाभ उठाएं।