फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 जुलाई 2025 डिजिटल युग में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में कई लोग ऐसे मामलों के शिकार हुए हैं, जहाँ किसी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन धमकाया, पैसों की डिमांड की और डिजिटल फ्रॉड का शिकार बना दिया।
क्या है मामला?
कुछ ठग सोशल मीडिया या फोन कॉल के जरिए खुद को “क्राइम ब्रांच”, “साइबर सेल” या किसी अन्य पुलिस एजेंसी का अधिकारी बताकर आम नागरिकों को डराते हैं। वे फर्जी केस, गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए पैसों की मांग करते हैं। कई बार डर या भ्रम में आकर लोग पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में समझ आता है कि वे ठगी के शिकार हो गए।
ऐसे मामलों से कैसे बचें?
★कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें – कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी आपसे फोन या ऑनलाइन माध्यम से पैसे नहीं मांगता। अगर ऐसा होता है तो यह फ्रॉड है।
★असली पहचान की पुष्टि करें – कॉलर की पहचान को लेकर संदेह हो तो संबंधित पुलिस एजेंसी के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
★साइबर सिक्योरिटी ऐप इंस्टॉल करें – अपने मोबाइल और कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा ऐप्स का उपयोग करें।
★जल्दबाज़ी में निर्णय न लें – ऐसे कॉल्स पर लंबी बातचीत करने से बचें। डर फैलाकर निर्णय लेने के लिए मजबूर करना ठगों की पुरानी चाल है।
★तुरंत शिकायत दर्ज करें – यदि आप ऐसे किसी भी फ्रॉड का सामना करते हैं, तो http://cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज करें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है
साइबर ठगी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है जागरूकता। एक सतर्क नागरिक न केवल खुद को सुरक्षित रखता है, बल्कि समाज को भी ठगों से बचाने में मदद करता है।
याद रखें:
“आपका हर सतर्क कदम, साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत है।”
