(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर शहीदों को नमन करते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए उनके बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “भारत के वीर जवानों ने हर परिस्थिति में देश की आन-बान-शान के खिलाफ उठी हर चुनौती का डटकर सामना किया है।” उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों की प्रेरणा हमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’, ‘समर्थ और सशक्त भारत’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कारगिल में वीरगति को प्राप्त हुए कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, मेजर रितेश शर्मा, लांस नायक केवलानन्द द्विवेदी और राइफलमैन सुनील जंग के परिजनों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ नगर निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी और कहा कि यह सफलता लगातार परिश्रम और जनसहयोग से संभव हुई है।
कारगिल युद्ध का किया स्मरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान द्वारा थोपा गया था, जिसमें भारतीय सेना ने दुर्गम पहाड़ियों पर संघर्ष करते हुए शौर्य का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि “ऊँचाई पर बैठे दुश्मन को पराजित करना भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम का प्रमाण है।”
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अमेरिका के दबाव को नकार कर उन्होंने ऑपरेशन विजय को सफल बनाया और 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय हासिल की।
जवानों के परिजनों को सम्मान और सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शहीद सैनिकों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि हर जिले में शहीद स्मारक बनाए जाएंगे ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके।
आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर शौर्य और साहस का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि तुर्की, चीन और अन्य देशों द्वारा पाकिस्तान को सहयोग देने के बावजूद भारतीय सेना ने उसे आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया।
राष्ट्रवाद और सामाजिक एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने लोगों से वर्दी का सम्मान करने और जाति, क्षेत्र, भाषा आदि के नाम पर बांटने वाली ताकतों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि “भारत गुलाम इसीलिए बना, क्योंकि कुछ ताकतें समाज को बांट रही थीं। आज भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं, हमें एकजुट रहकर इनसे लड़ना होगा।”
प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र कुमार सिंह, विधायक नीरज बोरा, रामचन्द्र प्रधान, पवन कुमार, योगेश शुक्ला सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
