(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 जुलाई 2025 स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नगर पालिका परिषद द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए नगर क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पॉलिथीन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को पॉलिथीन के उपयोग से होने वाली गंभीर बीमारियों और पर्यावरणीय नुकसान के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
नगर के मोहल्ला मेमरान स्थित दुर्गा जी के मंदिर पर प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटकों में कलाकारों ने जीवंत अभिनय के माध्यम से यह दर्शाया कि किस प्रकार पॉलिथीन नालियों को जाम करती है, पशुओं के पेट में जाकर उनकी मृत्यु का कारण बनती है, और वातावरण में जहरीले तत्व फैलाकर अनेकों प्राणघातक बीमारियों को जन्म देती है। नाटक में दर्शाया गया कि पॉलिथीन की जगह कपड़े, जूट या कागज के थैले का उपयोग करना न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने इस अवसर पर बताया कि नगर क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाने के लिए पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि आमजन स्वेच्छा से पॉलिथीन त्याग करें और अपने व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाएं।”
इस अवसर पर स्थानीय लोग, स्कूलों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारी वर्ग और आम नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। नुक्कड़ नाटकों के बाद जनसमूह को शपथ भी दिलाई गई कि वे पॉलिथीन का उपयोग नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन के इस जन-जागरूकता अभियान की नगरवासियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की ओर बढ़ता कदम बताया।
मुख्य संदेश:
पॉलिथीन का प्रयोग स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक है। कचरा नालियों में जाम, बीमारियां और पशु मृत्यु का कारण बनता है। विकल्प: कपड़े, जूट और कागज के थैले अपनाएं।
