(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 जुलाई 2025 जनपद में खरीफ सीजन में धान, मक्का, बाजरा, मूंगफली, अरहर, उर्द/मूंग और गन्ना जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाती है। फसलों की अच्छी पैदावार के लिए खरपतवार नियंत्रण एक अहम चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग के कृषि रक्षा अनुभाग ने विभिन्न फसलों के लिए खरपतवार नियंत्रण संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव और रसायनों की सूची जारी की है।
धान की खेती में सीधी बुवाई पर जोर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, श्रमिकों की बढ़ती कमी और लागत के मद्देनज़र अब किसान ड्रम सीडर मशीन द्वारा अंकुरित धान की सीधी बुवाई करें, जिससे न केवल पानी की बचत होगी बल्कि खरपतवार नियंत्रण भी सरल होगा।
धान में रासायनिक नियंत्रण हेतु संस्तुत रसायन:
ब्यूटाक्लोर 50% EC – 3-4 लीटर/हेक्टेयर
एनिलोफास 30% EC – 1.5 लीटर/हेक्टेयर
प्रिटिलाक्लोर 50% EC – 1.6 लीटर/हेक्टेयर
विस्पाइरीबैंक सोडियम 10% SC – 0.2 लीटर/हेक्टेयर (रोपाई के 15-20 दिन बाद)
अन्य फसलों के लिए खरपतवार नियंत्रण के सुझाव
मक्का/बाजरा/ज्वार:
एट्राजीन 50% WP – 2 किग्रा या ड्यूरान 80% WP – 1.5-2 किग्रा प्रति हेक्टेयर।
मूंगफली:
बुवाई के 2 दिन के भीतर ऑक्सीफ्लोरोफेन 23.5% EC – 600 मि.ली./हेक्टेयर।
10-15 दिन बाद ईमेजाथापर 10% SL – 1 लीटर/हेक्टेयर।
उर्द/मूंग:
बुवाई के 10 दिन बाद ईमेजाथापर 10% EC – 750-1000 मि.ली./हेक्टेयर।
गन्ना:
एट्राजीन 50% WP – 1-4 किग्रा या मेट्रीब्यूजीन 70% WG – 2-3 किग्रा/हेक्टेयर।
पीसीएस आरएस के ज़रिए त्वरित सहायता
फसल में कीट या रोग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए किसान भाई 48 घंटे में निदान पाने के लिए व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। संपर्क नंबर:
📱 9452247111
📱 9452257111
50% अनुदान पर उपलब्ध खरपतवारनाशी रसायन
राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों पर किसानों को 50% अनुदान पर निम्नलिखित रसायन उपलब्ध हैं:
क्रम रसायन का नाम मात्रा फसल खरपतवार नियंत्रण
1 मेटसल्फ्यूरान मिथाइल 20% WP 2.5 यूनिट गन्ना बथुआ, पालक, चौलाई आदि
2 प्रिटिलाक्लोर 50% EC 1.5 लीटर धान सावा, भंगरा, हुरहुरी घास
3 मेट्रीब्यूजीन 70% WG 750 ग्राम गन्ना चौड़ी पत्ती खरपतवार
4 पेंडिमेथलीन 30% EC 3.3 लीटर गन्ना, मक्का लहसुआ, गोखरू, चौलाई
5 एट्राजीन 50% WP 1 किग्रा धान, दलहन मोथा, गाजर घास आदि
कृषकों से अपील
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों और सुझावों का पालन करते हुए खरपतवारों पर समय से नियंत्रण करें। इससे फसल की पैदावार बेहतर होगी और लागत में भी कमी आएगी।
