फर्रुखाबाद:वायरल वीडियो से खुली तमंचे की पोल, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 जुलाई 2025  सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस को अलर्ट कर दिया और इसका नतीजा यह हुआ कि थाना राजेपुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक युवक को तमंचे सहित गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में वायरल वीडियो में एक युवक व एक छोटे बच्चे को तमंचे के साथ खेलते हुए देखा गया, जो कि न केवल खतरनाक था बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बना।

वायरल वीडियो से उठा पर्दा

घटना दिनांक 14 जुलाई 2025 की है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में एक युवक छोटे बच्चे के साथ हथियार (तमंचा) से खेलता दिखाई दे रहा था। वीडियो में दिखाई गई लापरवाही और गैरकानूनी हथियार की मौजूदगी ने पुलिस को तुरंत जांच-पड़ताल के लिए मजबूर कर दिया।

पुलिस ने दिखाई तत्परता, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक  आरती सिंह के दिशा-निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह और क्षेत्राधिकारी अमृतपुर श्री अजय वर्मा के नेतृत्व में थाना राजेपुर की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए वीडियो की जांच की और आरोपी की पहचान की।

आरोपी की पहचान विनय चौहान पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी ग्राम वीरसिंहपुर थाना राजेपुर जनपद फतेहगढ़ के रूप में हुई। पुलिस ने उसे 01 तमंचा 315 बोर के साथ मौके से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी व बरामदगी

थाना राजेपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 90/25 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बरामदगी:

01 देशी तमंचा 315 बोर

आरोपी का बयान

पूछताछ में आरोपी विनय चौहान ने यह स्वीकार किया कि वीडियो में दिख रहा तमंचा उसी का है और उसने अपनी गलती को मानते हुए माफी मांगी है। उसने कहा कि वह अपनी सफाई न्यायालय में वकील के माध्यम से पेश करेगा।

थाना राजेपुर की गिरफ्तारी टीम:

उ0नि0 श्री आशुतोष सिंह

उ0नि0 श्री रामनरेश

मुख्य आरक्षी सुबोध कुमार

आरक्षी अमित कुमार

विवादों की भी छाया: आरोप-प्रत्यारोप शुरू

इस गिरफ्तारी के बाद गांव में हलचल मच गई है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि विनय चौहान को फर्जी तरीके से फंसाया गया है और उसके खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से कार्यवाही की गई है। वहीं, अन्य लोग पुलिस की तत्परता की सराहना कर रहे हैं और इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम मानते हैं।

विनय के समर्थकों का कहना है कि तमंचा पुराने जमाने की निशानी है जो उसने डराने या गलत उद्देश्य से नहीं बल्कि “वीडियो के लिए शौक से” रखा था। जबकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि “अवैध हथियार रखना और उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना गंभीर अपराध है, चाहे वह मज़ाक में ही क्यों न हो।”

 विश्लेषण: सोशल मीडिया की निगरानी क्यों है जरूरी?

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि सोशल मीडिया पर डाली गई चीजें केवल वर्चुअल नहीं होतीं, उनका असली दुनिया पर असर होता है। पुलिस ने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की, जिससे यह भी साफ होता है कि अब कानून व्यवस्था की निगरानी केवल फील्ड तक सीमित नहीं रह गई है।

निष्कर्ष:

विनय चौहान की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर गैरकानूनी या खतरनाक गतिविधियों को दिखाना अब सस्ती लोकप्रियता नहीं, बल्कि सीधे जेल का रास्ता बन सकता है। यह घटना आम लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे हथियारों से जुड़े किसी भी तरह के प्रदर्शन से परहेज करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।