पीलीभीत : पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो बच्चों समेत करेगी मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्म हत्या, वीडियो किया वायरल

थाना हजारा क्षेत्र की रहने बाली प्रीती शर्मा पत्नी राजू शर्मा गांव सिद्धनगर तहसील पूरनपुर निवासी ने जनपद के सांसद एवं केन्दीय राज्य मंत्री को दिए पत्र में बताया है कि उसके पति ने गांव के नीरज मिश्रा पत्नी राजेश मिश्रा को चार एकड़ कृषि भूमि 4 वर्षों के लिए 80000/- प्रति बर्ष के लिए ठेके पर दे रखी है। ठेकेनामा में जितने भी लोग गवाह है वह अभी जिंदा एवं स्वस्थ हैं। वे सभी इस बात के साक्षी हैं कि अब तक ठेके का कोई भी पैसा नहीं मिला साथ में पीड़िता के ससुर श्याम शर्मा पुत्र प्रकाश चन्द शर्मा को अपने प्रेम जाल में फंसाकर खुद लोन का गवाह बना बिना किसी को बताये बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा-बम नगर शिमरी से वर्ष 2023 में 5,40,000/- का ऋण निकाल लिया। जिसकी सूचना पीड़िता को दो माह पूर्व खतौली द्वारा ज्ञात हुआ। उसके बाद पीड़िता द्वारा पूछताछ करने पर ना नूकूर करने व तभी से उसके ससुर को नज़रबंद (गायब) कर दिया गया। चूंकि पीड़िता भी ब्राह्मण जाति से है और वह पूर्व प्रधान भी ब्राह्मण जाति से है। इसलिये पीड़िता ने अखिल भारतीय महा ब्राह्मण सभा में पंचायत के माध्यम से खेत के पैसे दिलाने का प्रयास भी किया। लेकिन वह किसी भी पंचायत में नहीं आई तब थक हारकर पीड़िता ने थाने में तहरीर दी। जिस पर थाना प्रभारी द्वारा दोनों पक्षों को बुलाया गया और थाने में पीड़िता से पूर्व ही पहुँच गई। जब पीड़िता गांव के सभी लोगों के साथ थाने पहुँची तो थाने के गेट पर आग बबूला हो गई।

वहीं कहने लगी ना लोन का पैसा दूँगी ना ठेके का पैसा दूँगी और ना खेत में घुसने दूँगी और ज्यादा नेतागिरी की तो फंसा और दूँगी राजेश मिश्रा की पत्नी नीरज मिश्रा पूर्व में सिद्ध नगर की ग्राम प्रधान रह भी चुकी है जिस पर 9,72,000/- रूपये गमन सिद्ध का आरोप भी है। जिसकी रिकवरी अभी तक नहीं की गई है। वहीं पीड़िता का आरोप है कि उक्त महिला आचरणहीन व करप्ट महिला है वह इतनी शातिर है कि किसी भी यतन से पीड़िता को व उसके ससुर को फंसवा सकती है। वहीं पीड़िता ने यह भी कहा कि हम कहीं भी जाते हैं तो इसका बड़ा बेटा हमारा पीछा करता है। वहीं पीड़िता का परिवार भूखमरी की कगार पर है। वहीं पीड़िता द्वारा दिए गए पत्र में यह भी कहा गया है कि उक्त पति-पत्नी से मपीड़िता के ससुर और परिवर व उसके खेत को सुरक्षित दिलवाया जाए। वहीं अगर ऐसा नहीं किया गया तो पीड़िता अपने पति व दो छोटी बेटियों के साथ जीवन त्यागने को बाध्य होगी जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी।