पटना में हुआ ऐतिहासिक निर्णय:महाबोधि महाविहार आंदोलन को मिलेगा नया तेवर, लोकतांत्रिक तरीके से तेज़ होगी मुहिम

पटना,(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 जून 2025 बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनः प्राप्त करने हेतु पटना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें महाबोधि महाविहार आंदोलन को और अधिक संगठित व तेज़ गति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर देशभर से आए बौद्ध भिक्षुओं, विचारकों, उपासकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को नई दिशा देने की जिम्मेदारियां स्वीकार कीं।

बैठक में उपस्थित भंते सुमित रत्न के मार्गदर्शन में एक सात सूत्री कार्यक्रम का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया, जो आंदोलन की भावी रणनीति का आधार बनेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महाबोधि महाविहार को बौद्ध समुदाय को लौटाने की मांग को लेकर जनजागरूकता और लोकतांत्रिक दबाव बनाना है।

सात सूत्री कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

1. महाबोधि मंदिर को बौद्धों के पूर्ण प्रशासन में लाने की मांग

2. BT Act 1949 को निरस्त करने की पुरज़ोर अपील

3. देशभर में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय

4. राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन जुटाना

5. सोशल मीडिया व डिजिटल माध्यमों से जनसंपर्क बढ़ाना

6. राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन शिविरों का आयोजन

7. बोधगया में विशाल जन आंदोलन की तैयारी

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होगा। उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि बौद्ध समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान की पुनर्स्थापना का प्रश्न है।

कार्यक्रम के अंत में भंते सुमित रत्न ने कहा, “अब समय आ गया है कि महाबोधि महाविहार को बौद्धों को सौंपा जाए। यह न केवल न्याय की बात है, बल्कि ऐतिहासिक उत्तरदायित्व भी है।”