फर्रुखाबाद,(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 जून 2025 उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के तत्वावधान में जनपद फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों—फर्रुखाबाद, कायमगंज और अमृतपुर—में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास (State Level Mock Exercise) का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास प्रदेश के 44 जनपदों की 118 बाढ़ संभावित तहसीलों में एक साथ संपन्न हुआ, जिससे आपदा प्रबंधन की तैयारी और समन्वय को प्रभावी रूप से परखा जा सके।
प्राधिकरण के माननीय उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, संसाधनों की तत्परता और ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक की प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण करना था।
प्रमुख गतिविधियाँ और परिदृश्य
सुबह 9:00 बजे से DEOC (जिला आपदा संचालन केंद्र) के माध्यम से सभी तहसीलों को जोड़ा गया। 9:30 बजे से मॉक ड्रिल की कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें पाँच प्रमुख परिदृश्यों पर कार्रवाई की गई:
1. गांवों का जलमग्न होना
2. लोगों का पेड़ों व छतों पर फँसना
3. अफवाहों और फर्जी समाचारों का फैलना
4. नाव पलटना
5. पुल एवं सड़कों का टूटना
साथ ही राहत शिविर, बाढ़ चौकी, फील्ड हॉस्पिटल और आपदा संचार व्यवस्था की भी सजीव प्रस्तुति की गई।
राष्ट्रीय व राज्य स्तर की निगरानी
इस राज्य स्तरीय अभ्यास का संचालन योजना भवन, लखनऊ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रवींद्र गुरुंग द्वारा किया गया। जिलों के प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, NDRF/SDRF, पंचायती राज, नगर विकास, बिजली, PWD समेत अन्य विभागों की सक्रिय सहभागिता रही।
उपाध्यक्ष का निरीक्षण और समीक्षा
माननीय उपाध्यक्ष ले. ज. योगेंद्र डिमरी ने फर्रुखाबाद जनपद की दो प्रमुख बाढ़ संवेदनशील तहसीलों—चाचूपुर जटपुरा (फर्रुखाबाद) और कटरी धर्मपुर (अमृतपुर) का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
अंतिम सत्र में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाही की समीक्षा की। इस दौरान अनुभवों, सामने आई कमियों और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।
प्रशासन की उपस्थिति
इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रोजेक्ट एक्सपर्ट प्रशान्त कुमार, जनपद फर्रुखाबाद के आपदा विशेषज्ञ आयुष्मेंद्र परिहार, संबंधित विभागों के अधिकारी और आपदा प्रबंधन इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सारांश
यह मॉक अभ्यास न केवल आपदा से निपटने की प्रशासनिक तैयारी का परीक्षण था, बल्कि जनता को आश्वस्त करने का भी एक प्रभावी माध्यम रहा कि राज्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क और तैयार है। इस तरह की योजनाबद्ध तैयारी से बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि और वित्तीय नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।
