पटना:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 जून 2025 बौद्ध विरासत की पुनर्स्थापना और संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे महाबोधि महाविहार आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा देने की तैयारी हो चुकी है। इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और जनजागरूकता फैलाने के लिए 28 जून 2025 को पटना में ‘विरासत बचाओ बौद्ध सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक सम्मेलन के साथ-साथ बिहार के सभी 38 जिलों में ‘विरासत बचाओ रथ यात्रा’ निकाली जाएगी, जो समाज के हर वर्ग को जागरूक करने का कार्य करेगी। इस अभियान का उद्देश्य न केवल महाबोधि महाविहार को मुक्त कराना है, बल्कि बौद्ध समुदाय को उनकी धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।
सम्मेलन और यात्रा का नेतृत्व:
इस राष्ट्रव्यापी प्रयास का नेतृत्व कर रहे हैं—
🔸 भंते सुमित रतन, राष्ट्रीय संयोजक, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में याची (मो. 9412502625)
🔸 डॉ. भीमराव यशवंत राव अंबेडकर, राष्ट्रीय संयोजक, बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के पोते
इन दोनों महान व्यक्तित्वों के नेतृत्व में यह आंदोलन न केवल न्यायालयीन लड़ाई लड़ रहा है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी लोगों को उनके अधिकारों और इतिहास के प्रति जागरूक कर रहा है।
जनसहयोग का आह्वान:
आंदोलन से जुड़े नेताओं ने देशवासियों से पुरखों की विरासत की रक्षा हेतु सहयोग की अपील की है। कहा गया है कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और अस्मिता की लड़ाई है, जिसमें सभी जागरूक नागरिकों का योगदान आवश्यक है।
विरासत बचाओ आंदोलन आपसे अपील करता है—
“पुरखों की विरासत को मुक्त कराने के इस धर्मयुद्ध में तन-मन-धन से योगदान दें।”
