लखनऊ:अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 भारत की ऋषि परंपरा का वैश्विक उत्सव

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 जून 2025 आज पूरे भारत सहित विश्वभर में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष की थीम रही “योग से सहजीवन की ओर”, जो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक समरसता को भी समर्पित है। योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा का ऐसा अमूल्य उपहार है, जिसने विश्व को मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाया है। इस अवसर पर प्रदेशवासियों एवं सभी योग साधकों को हार्दिक बधाइयाँ दी जा रही हैं।

फर्रुखाबाद जिले में विभिन्न स्थलों पर आयोजित योग कार्यक्रमों में आम नागरिकों से लेकर अधिकारी, शिक्षक, स्कूली बच्चे और सामाजिक संगठनों के सदस्य बढ़-चढ़कर शामिल हुए। मंडी सातनपुर, रेलवे मैदान, विद्यालय परिसरों व ब्लॉक स्तरीय स्थलों पर सामूहिक योग अभ्यास का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रातः 5:30 बजे से प्रतिभागियों का आगमन शुरू हुआ और 6:00 बजे से मुख्य योग सत्र प्रारंभ हुआ। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आसनों, प्राणायाम, ध्यान और जीवनशैली से जुड़ी उपयोगी बातें साझा की गईं। योग सत्र के दौरान ‘सूर्य नमस्कार’, ‘वृक्षासन’, ‘भुजंगासन’, ‘अनुलोम-विलोम’ और ‘कपालभाति’ जैसे योगाभ्यासों को किया गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संदेश में कहा कि—

“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली का नाम है जो व्यक्ति को तनाव से मुक्ति देकर आत्मबल और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।”

अपील:
सभी नागरिकों से अपील है कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। योग न केवल व्यक्ति को निरोगी बनाता है, बल्कि पूरे समाज को स्वस्थ, सामंजस्यपूर्ण और प्रगतिशील दिशा में अग्रसर करता है।

संक्षेप में
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज एक ऐसा जनांदोलन बन चुका है जिसने विश्व को भारत की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ा है। आइए, इस अमूल्य धरोहर को अपनाकर एक स्वस्थ, सशक्त और संतुलित समाज के निर्माण में सहभागी बनें।