फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में “जूनोटिक समिति की बैठक में राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जूनोटिक रोगों (जैसे-रैबीज, लैप्टोस्पाइरोसिस, स्क्रब टाइफस एवं ग्लैण्डर्स इत्यादि) के बचाव व सावधानियों के विषय पर जन जागरूकता फैलाये जाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। यहाँ जूनोटिक रोग वह रोग है जो मुख्यतः पशुओं में होने वाले रोग होते है किन्तु सम्पर्क में आने पर यह रोग मनुष्यों को भी हो जाते हैं। जूनोटिक रोगों में प्रमुख रूप से रैबीज रोग-कुत्ते, बन्दर, बिल्ली, सियार एवं जंगली जानवरों आदि के काटने या खरोचने से लैप्टोस्पाइरोसिस रोग-खाद्य पदार्थों के पैकेट बोतल पर चूहे, छछून्दर के पेशाब से संक्रमित होने के कारण, स्क्रब टाइफस रोग-गाय, भैस, बकरी आदि की कीलनी (कीट) द्वारा काटने से, ग्लैण्डर्स रोग-घोडे, गधे, खच्चर आदि के संकमित होने पर उसके पालको को पशु के मल-मूत्र के निस्तारण व भोजन खिलाने के दौरान संक्रमित होने पर मुनष्यों को हो जाते है। जूनोटिक रोगों से बचाव करने हेतु पशुओं से दूरी बनाये रखे, पालतू पशुओं का समय से टीकाकरण कराये, हिंसक प्रवृत्ति के पशुओं व अन्जान पशुओं से बच्चों को दूर रखे, छोटे बच्चों को घर के बाहर खेलते-घूमते समय विशेष ध्यान दें, किसी प्रकार की असम्भावित रोग के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श करे तथा पूर्ण उपचार / टीका कोर्स करायें।
फर्रुखाबाद:जूनोटिक समिति की बैठक में राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत बचाव व सावधानियों के विषय में हुई चर्चा।
