फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 सितंबर 2025 जनपद में ठंडी सड़क स्थित नवभारत सभा भवन में राठौर साहू समाज द्वारा आयोजित 34वें वार्षिक अधिवेशन में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फिरोजाबाद की महापौर कामिनी राठौर तथा वरिष्ठ अतिथि के रूप में गाजीपुर विधायक जैकिशन साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 225 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
महापौर कामिनी राठौर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त बना सकती है। उन्होंने कहा कि हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, बीए और बीएससी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया है। समाज को ऐसे ही प्रतिभाशाली युवाओं की आवश्यकता है, जो मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने छात्राओं को राजनीति और भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़कर देश सेवा करने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होंने समाज से नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ने और शराब जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया।
वरिष्ठ अतिथि विधायक जैकिशन साहू ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “पढ़ाई शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वही दहाड़ता है।” उन्होंने संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो सुरक्षित और मजबूत रहेगा। उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि साहू-राठौर समाज से आईएएस और पीसीएस जैसे पदों पर कई अधिकारी चयनित हुए हैं।
फर्रुखाबाद जिला अध्यक्ष रामसिंह राठौर ने घोषणा की कि यदि किसी छात्र को पढ़ाई में आर्थिक समस्या आती है तो उसका संपूर्ण खर्च वह स्वयं वहन करेंगे। साथ ही उन्होंने समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्य में कठिनाई होने पर समाज की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि उत्पीड़न की स्थिति में एकजुट होकर उसका विरोध करें।
इस अवसर पर न्यायाधीश कनिष्ठ राठौर ने कहा कि बच्चों को अच्छे कपड़े पहनाने से ज्यादा जरूरी है उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाना। शिक्षा ही समाज की सच्ची पहचान है। उन्होंने सभी को एकजुट रहने और कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग मोर्चा फर्रुखाबाद के जिला उपाध्यक्ष उमेश बाबू राठौर, समाजसेवी नंदकिशोर राठौर, पंकज राठौर, राकेश राठौर, रामसागर राठौर, फतेहचंद राठौर, कंचन राठौर, सुधीर राठौर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
यह अधिवेशन समाज में शिक्षा, संगठन और नशामुक्ति का संदेश देने के साथ-साथ युवाओं को नई दिशा प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
