फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 सितम्बर 2025 जिले की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से की गई जांच में 3 लाख 60 हजार 344 डुप्लीकेट मतदाता चिन्हित किए गए हैं। यह सभी मतदाता एक से अधिक स्थानों पर वोट डालने के पात्र पाए गए हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी हैं जिनके नाम शहर और गांव दोनों जगह दर्ज हैं।
कायमगंज तहसील
ब्लॉक नवाबगंज: वास्तविक मतदाता 1,12,962 | डुप्लीकेट 27,841
ब्लॉक शमसाबाद: वास्तविक मतदाता 1,52,561 | डुप्लीकेट 53,263
कुल: वास्तविक मतदाता 1,78,525 | डुप्लीकेट 52,589
फर्रुखाबाद तहसील सदर
ब्लॉक बढ़पुर: वास्तविक मतदाता 1,28,935 | डुप्लीकेट 38,121
ब्लॉक कमालगंज: वास्तविक मतदाता 2,25,800 | डुप्लीकेट 75,775
ब्लॉक मोहम्मदाबाद: वास्तविक मतदाता 1,81,468 | डुप्लीकेट 58,647
अमृतपुर तहसील
ब्लॉक राजेपुर: वास्तविक मतदाता 53,985 | डुप्लीकेट 54,108
जिला स्तर पर कुल…
कुल वास्तविक मतदाता: 11,34,236
कुल डुप्लीकेट मतदाता: 3,60,344
आयोग ने दिए सत्यापन के आदेश
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर सभी बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सौंप दी गई है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। उन्हें 29 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
क्यों हो रही है गड़बड़ी?
आयोग का मानना है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी शहरों और कस्बों में जाकर बस गई है। ऐसे लोग नगर पालिका के मतदाता भी बन गए हैं, लेकिन गांव में उनका नाम अभी भी दर्ज है। पंचायत चुनाव आते ही वही लोग गांव की राजनीति में सक्रिय होकर प्रधान चुनाव तक लड़ते हैं। यही वजह है कि मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
पंचायत चुनाव पर असर
डुप्लीकेट वोटरों का यह मामला पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच सामने आया है। आयोग का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका नाम गांव और नगर पालिका दोनों जगह दर्ज है। कई लोग गांव की राजनीति में भागीदारी करते हुए प्रधान का चुनाव लड़ते हैं और साथ ही नगर पालिका के मतदाता भी बने रहते हैं। इससे चुनावी समीकरण बिगड़ सकते हैं।
आगे की प्रक्रिया
5 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
सत्यापन के बाद ही डुप्लीकेट नाम हटाए जाएंगे।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी (अपर जिलाधिकारी) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। सत्यापन पूर्ण होने पर ही डुप्लीकेट मतदाताओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
