महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत दी जाने वाली मजदूरी में इजाफा करने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है। इस कदम से देश के कई करोड़ लोगों को लाभ होगा। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर एग्रीकल्चर लेबर्स (सीपीआइ-एएल) से लिंक है और मजदूरी की नई दरें नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी एक अप्रैल से अधिसूचित की जाती हैं। यह नियमित प्रक्रिया है, चूंकि आदर्श आचार संहिता…
