आंवला से नंद किशोर मौर्य की खास रिपोर्ट कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा ’’कार्तिकी पूणिमा’’ कही जाती है। इस बार स्नान दान की कार्तिक पूर्णिमा 23 नवम्बर, शुक्रवार उदया तिथि के अनुसार है। इस दिन महादेव जी ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का संहार किया था, इसलिए इसे ’’त्रिपुरी पूर्णिमा’’ भी कहते हैं। बाला जी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राजीव शर्मा ने बताया कि 23 नवम्बर शुक्रवार को कृतिका नक्षत्र में सूर्योदय होने के कारण छत्र योग बनने के साथ महाकार्तिकी योग भी बन रहा है जो कि…
