फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 मार्च 2026 बदलते मौसम के कारण बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी और साफ-सफाई की अनदेखी के चलते जनपद में डायरिया और निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में इन बीमारियों के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लें, क्योंकि सभी सरकारी अस्पतालों में इन बीमारियों का इलाज और आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि मौसम बदलने के दौरान छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे दस्त और निमोनिया होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि अभिभावक शुरुआती लक्षणों की पहचान कर तुरंत आशा, एएनएम या नजदीकी स्वास्थ्य इकाई से संपर्क करें तो बच्चे को गंभीर स्थिति में जाने से रोका जा सकता है। समय पर ओआरएस, जिंक और अन्य आवश्यक दवाओं के सेवन से अधिकांश बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में होने वाली मृत्यु का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा डायरिया और निमोनिया से जुड़ा होता है। हालांकि समय पर उपचार मिलने पर इन बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। ओआरएस और जिंक के सही उपयोग से डायरिया के 90 प्रतिशत से अधिक मामलों का प्रभावी प्रबंधन संभव है, वहीं निमोनिया की शीघ्र पहचान से गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।
डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि बच्चे को दस्त होने पर तुरंत ओआरएस घोल देना शुरू कर देना चाहिए और स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सलाह से 14 दिन तक जिंक की गोली देना आवश्यक है। इस दौरान बच्चे को बार-बार स्तनपान कराते रहें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें। वहीं निमोनिया के लक्षण दिखाई देने पर देरी नहीं करनी चाहिए। घर पर इलाज करने या झोलाछाप डॉक्टर से दवा लेने से स्थिति बिगड़ सकती है। समय पर अस्पताल पहुंचने पर अधिकतर मामलों में बच्चे को भर्ती करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।
डायरिया के प्रमुख लक्षण
बार-बार पतला या पानी जैसा मल आना
उल्टी होना
तेज प्यास लगना
मुंह और जीभ का सूखना
पेशाब कम आना
निमोनिया के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार
खांसी के साथ तेज या कठिन सांस लेना
सांस लेते समय सीने का धँसना
बच्चे का दूध या भोजन ठीक से न लेना
अत्यधिक सुस्ती या प्रतिक्रिया में कमी
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बदलते मौसम में बच्चों के खानपान, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर बच्चों का समय पर उपचार कराएं।
