फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 जून 2026 आम आदमी पार्टी (आप) ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली समस्याओं, अघोषित कटौती, महंगी बिजली दरों और स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष इंजीनियर नीरज प्रताप शाक्य के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार को सौंपा।
जिलाध्यक्ष इंजी नीरज प्रताप शाक्य ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच प्रदेश की जनता गंभीर बिजली संकट का सामना कर रही है। कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम नागरिकों, किसानों, व्यापारियों, छात्रों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उद्योग, व्यापार, खेती और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने बाराबंकी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली संकट के कारण हुई चार लोगों की मौत की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
आप नेताओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशभर से गलत रीडिंग, फर्जी बिलिंग और बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे लाखों उपभोक्ता आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अघोषित बिजली कटौती बंद करने, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बिजली दरों में वृद्धि पर रोक लगाने तथा स्मार्ट मीटर और फर्जी बिलिंग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फतेहगढ़ धरना स्थल पर करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी वापस लेने तथा किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग उठाई। कार्यक्रम के अंत में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर प्रदेशवासियों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस दौरान अचल प्रताप सिंह, नवीन शाक्य, अंकुश सिंह, राजपाल यादव, प्रताप सिंह यादव, कंचन यादव, कृष्णपाल सिंह, राघवेंद्र यादव, प्रशांत सिंह, अजय कुमार शाक्य, अंकित शाक्य, कमलेश शर्मा, वी.के. सिंह दिवाकर, जगतपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
