पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बलवंत सिंह यानी बॉबी कटारिया को मानव तस्करी केस में रेगुलर बेल दे दी है। 20 जुलाई 2024 को हरियाणा पंचकूला में स्पेशल जज (एनआईए) ने बॉबी कटारिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ यूट्यूबर ने अपील की, इसकी अपील को 12 फरवरी को हाईकोर्ट ने मंजूरी दी।
बॉबी कटारिया एक साल और आठ महीने से ज्यादा समय से अंडर ट्रायल के तौर पर कस्टडी में थे। निर्देश के मुताबिक आरोपी बॉबी कटारिया ने कहा, ‘अब तक 73 अभियोजन पक्ष के गवाहों में से सिर्फ 23 से ही पूछताछ हुई है।’ इस वजह से में ट्रायल में अधिक समय लगता है। इसे देखते हुए कोर्ट ने कहा कि बॉबी कटारिया की अपील को मंजूरी देना सही समझते हैं।
होईकोर्ट ने यह भी देखा कि सुनवाई के समय बॉबी कटारिया के खिलाफ कोई और क्रिमिनल केस पेंडिंग नहीं था।
कोर्ट के निर्देश में लिखा था, ‘अपील करने वाले को रेगुलर बेल पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है। बशर्ते वह ट्रायल कोर्ट/ड्यूटी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के लिए जरूरी बेल बॉन्ड जमा करे। साथ ही बताई गई रकम का डिमांड ड्राफ्ट दो दिन के अंदर स्पेशल कोर्ट (एनआईए) पंचकूला में जमा करे।’
क्या है बॉबी कटारिया और मानव तस्करी से जुड़ा मामला?: यह केस शुरू में हरियाणा पुलिस ने दर्ज किया था। बाद में एनआईए ने इंडियन पीनल कोड और इमिग्रेशन एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत फिर से केस दर्ज किया। बॉबी कटारिया पर विदेश में नौकरी दिलाने का वादा करके कई लोगों से पैसे वसूलने का आरोप है।
साथ ही यह आरोप भी बॉबी कटारिया पर लगाया गया था कि कुछ लोगों को उसने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भेजा था। जहां उन्हें शोषण वाले हालात में काम करने के लिए मजबूर किया गया। सुनवाई के दौरान अपील करने वाले के वकील ने कहा कि बॉबी कटारिया शिकायत करने वालों से मिली 19,67,000 रुपये की पूरी रकम जमा करने को तैयार हैं।
