कौन हैं एक्ट्रेस अदा शर्मा, केरला स्टोरी को लेकर क्या बोलीं अभिनेत्री

एक्ट्रेस अदा शर्मा द केरला स्टोरी के साथ चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में शालिनी उन्नीकृष्णन और फातिमा बा का रोल निभाया है। अदा ने कहा कि मेकर्स को इस फिल्म के लिए ऐसी लड़की की जरूरत थी, जो हिंदी और मलयालम दोनों में फिट बैठ सके। चूंकि अदा की मां केरल से हैं, इस वजह से उन्हें थोड़ी बहुत मलयाली आती है।

अदा ने कहा कि शालिनी के किरदार के लिए वे 15 मिनट में तैयार हो जाती थीं, लेकिन फातिमा बा के किरदार में आने के लिए उन्हें एक से डेढ़ घंटा मेकअप में लगता था। चेहरा डरावना लगे इसके लिए काफी देर तक मेकअप लगाना और फिर उतारना होता था।

अदा ने कहा कि वे अभी भी इस कैरेक्टर से बाहर नहीं निकल पाई हैं। उन्होंने कहा कि वे इस कैरेक्टर में इतना घुस गई थीं कि अब इससे निकलना मुश्किल हो रहा है।
अदा ने कहा, ‘फिल्म में मेरा जो किरदार है, मैंने उसे रियल लाइफ में एक्सपीरिएंस नहीं किया है। इसलिए इस कैरेक्टर को जीने के लिए मुझे काफी कुछ करना पड़ा। मैंने इसके लिए बहुत सारे वीडियोज और फुटेज देखे। कैसे लड़कियों को टैंकर में भरकर ले जाया जाता है, जहां उन्हें ऑक्सीजन भी नहीं मिल पाता था। इन्हें वीडियो, फुटेज नहीं, टेस्टीमोनियल कहना चाहिए। यह सारी चीजें पब्लिक डोमेन में हैं।

मैंने तकरीबन हजार फुटेज देखे होंगे। इसके अलावा दो महीने वर्कशॉप किया। इससे जुड़ी एक किताब भी पढ़ी। इतना सब करने के बाद फिल्म स्टार्ट किया ताकि एक्टिंग नेचुरल लगे। इसके अलावा मलयालम भाषा और लहजा सीखने के लिए एक टीचर भी रखा। वे मेरे साथ सेट पर भी मौजूद रहते थे। मेरी मां चूंकि केरल से हैं तो मैंने उनसे और अपनी नानी के साथ भी मलयालम बोलने की काफी प्रैक्टिस की।
अदा ने कहा कि द केरला स्टोरी दो महीने तक सेंसर बोर्ड में फंसी रही। उन्होंने कहा, ‘सेंसर बोर्ड ने हर सीन का एक प्रूफ मांगा था। एक-एक करके उन्हें सारे सीन उपलब्ध कराए गए, तब जाकर सेंसर बोर्ड से ये फिल्म पास हुई।

गूगल पर ISIS ब्राइड्स सर्च करने से काफी कुछ जानकारी मिल सकती है। फिल्म में तो अभी सिर्फ इसका आधा दिखाया गया है। जब आप इसके असल वीडियोज देखेंगे तो पाएंगे कि लोगों की हड्डियां टूटी हुई हैं, ऐसे घसीटकर बच्चों को टैंकर से बाहर निकाल देते हैं। टैंकर में हवा नहीं मिलने से कुछ मर गए, उनकी बॉडी ऐसे फेंक देते हैं। ये सभी वीडियोज देखने के बाद आपको समझ में आएगा कि ये कितनी दुखद कहानी है।

हम लोगों के पास इटालियन पार्लियामेंट से किसी ने कॉन्टैक्ट किया है। इसके अलावा स्वीडन और डेनमार्क से भी कॉल आ रहे हैं। वहां की गवर्नमेंट चाहती है कि ये मूवी कॉलेज की लड़कियों को दिखाया जाए ताकि अवेयरनेस फैले।
अदा ने कहा कि उन्हें अपने किरदार में ढलने के लिए काफी वक्त लगता था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘शालिनी के किरदार के लिए 15 मिनट में कुर्ता और जींस पहनकर तैयार हो जाती थी। चूंकि फिल्म के बैकग्राउंड में अफगानिस्तान का सीन दिखाना था। वहां गर्मी स्किन को जला देती है। ऐसे में उस डरावने चेहरे के लिए एक से डेढ़ घंटा मेकअप में लगता था। इतना ही समय मेकअप हटाने के लिए भी लगता था।

फिल्म में बहुत डरावने सीन भी हैं। एक जगह प्रेग्नेंसी में ही रेप सीन दिखाया गया है, ऐसी चीजें बड़ी मुश्किल से शूट हुईं। ये एक दर्दनाक कहानी है, अगर इसे दर्दनाक नहीं बनाते तो ऑडियंस से झूठ बोल रहे होते। शायद इन्हीं वजहों से ये नंबर वन फीमेल सेंट्रिक मूवी बन गई है।
अदा ने कहा कि उन्हें पता था कि ये फिल्म करने के बाद उन्हें धमकियां मिल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘शालिनी पहले गांव में रहती है। उसके बाद नर्सिंग कॉलेज में जाती है, वहां पर अपने रूममेट के साथ रहती है। इसके बाद ISIS में भर्ती हो जाती है। इतनी इनोसेंट लड़की इंटरनेशनल टेरेरिस्ट कैसे बनी है, ये कहानी सुनने में अविश्वसनीय लगती है।

ट्रेलर में भी पहला डायलॉग है जब मुझसे पूछा जाता है कि आपने ISIS कब जॉइन किया। कब जॉइन किया ये जरूरी नहीं, कैसे जॉइन किया, यह जानना जरूरी है।
हम फिल्म बना रहे थे, तब पता था कि अगर धमकियां आएंगी तो ISIS के लोगों से ही आएंगी, क्योंकि उन्हें फिल्म देखने के बाद काफी गुस्सा आने वाला था। फिल्म में हमने आतंकवाद के खिलाफ काफी कुछ बोला है।
अदा ने कहा कि फिल्म कितनी कमाई कर रही है, इसका हिसाब करना उनका नहीं प्रोड्यूसर का काम है। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए, ‘ फिल्म ने इतने करोड़ कमाए, इतने रिकॉर्ड तोड़े, इतनी हाइएस्ट पर है, ये सब मुझे नहीं पता है। हां, इतना पता है कि आप पैसों से लोगों का प्यार नहीं खरीद सकते। द केरला स्टोरी जब अनाउंस हुई, तब छोटी फिल्म होने के नाते इसकी होर्डिंग्स वगैरह नहीं लगी थी। मैंने अपनी मॉम से कहा कि मुझे होर्डिंग्स चाहिए था।

खैर, अब तो मैंने देखा कि लड़कियां खुद के पैसे से पोस्टर बनाकर दीवार पर चिपका रही हैं। एक आदमी अपनी बाइक पर बैठकर पोस्टर लेकर घूम रहा है। एक ऑटो रिक्शा वाले ने ऐलान किया कि ‘द केरल स्टोरी’ देखने की इच्छुक लड़कियों को फ्री में थिएटर्स तक ले जाएगा। लोगों ने इसे मूवमेंट बनाया है, बतौर एक्टर इससे खुशी की बात और क्या हो सकती है।
अदा शर्मा ने आगे कहा कहा, ‘द केरल स्टोरी की कहानी आतंकवाद के खिलाफ है। मैंने ISIS ब्राइड्स के बारे में पढ़ा है। ये एक वर्ल्ड इश्यू है। आज आतंकवाद पूरी दुनिया का मुद्दा है। मैंने सोचा कि अगर उन लड़कियों की आवाज बन सकती हूं, जो आतंकवाद के जाल में फंसती हैं तो जरूर बनना चाहिए।
मैंने विपुल अमृतलाल शाह के साथ ‘कमांडो-2’ में काम किया है। वे जब ये फिल्म बना रहे थे, तब उन्हें ऐसी हीरोइन चाहिए थी, जो मलयालम और हिंदी, दोनों बोल सकती हो। विपुल सर को पता था कि रियल लाइफ में मेरी मां केरल से हैं। शायद इसलिए उन्होंने मुझे फिल्म में लेने के बारे में सोचा। फिल्म में मैंने हिंदी और मलयालम दोनों में बात की है।’
अदा ने इस इंटरव्यू में अपनी अपकमिंग फिल्मों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरी तीन फिल्में रेडी हैं। एक फिल्म ‘द गेम ऑफ गिरगिट’, जिसमें मैं पुलिस ऑफिसर बनी हूं। दूसरी फिल्म ‘कमांडो-3’ है।
फिल्म में मेरा पहले की तरह सेम कैरेक्टर है। एक फिल्म ‘तारे जमीं पर’ फेम एक्टर दर्शील सफारी के साथ कर रही हूं। ये एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसके अलावा एक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट कर रही हूं, पर उसके बारे में अभी बात नहीं कर सकती हूं।