सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और आरबीआई से सवाल किया है कि आखिर मृत व्यक्ति के बैंक खातों की जानकारी उनके वारिसों को देने में क्या परेशानी है। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में सरकार को एक स्पष्ट और ठोस नीति बनानी होगी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला पत्रकार सुचेता दलाल की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) से जुड़ा है। याचिका में मांग की गई है कि ऐसे बैंक खातों की जानकारी देने का एक सिस्टम बनाया जाए, जिनमें पैसे पड़े हैं लेकिन खाता धारक अब जीवित नहीं हैं।
मृतक के बैंक खातों की जानकारी वारिसों को देने में क्या दिक्कत? केंद्र और RBI से ‘सुप्रीम’ सवाल
