मुंबई में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा क्या कहा कि सुनने में पूरी तरह से तल्लीन दिखे सलमान खान, जानें

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSS) प्रमुख मोहन भगवत ने शनिवार को कहा कि भारत का विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि हिंदू भाव को भुला दिया गया था। मुंबई में संघ की 100 साल की यात्रा: नए क्षितिज कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को संवाद के बिना नहीं समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जरूरी है लेकिन वैश्विक निर्भरता भी जरूरी है और ऐसी निर्भरता टैरिफ (शुल्क) से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उधर, अभिनेता सलमान खान इस कार्यक्रम में संगठन के प्रमुख मोहन भागवत के भाषण में पूरी तरह से तल्लीन दिखे।

संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि धर्म के कारण विभाजन हुआ। हमने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। क्योंकि हम हिंदू हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह गलत था। भारत में इस्लाम और ईसाई धर्म आज भी मौजूद हैं। झड़पें होती हैं, लेकिन देश एकजुट रहा है। हिंदू भाव का विस्मरण भारत के विभाजन का कारण बना। संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करना बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदुत्व को अपनाकर आप कुछ भी नहीं गंवाते, न तो अपनी धार्मिक प्रथा और न ही अपनी भाषा। हिंदुत्व आपकी सुरक्षा की गारंटी है।

भागवत ने कहा कि किसी व्यक्ति का धर्म, खान-पान की आदतें और भाषा अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन हम सभी समाज, संस्कृति और राष्ट्र के रूप में एक हैं। उन्होंने कहा कि हम इसे हिंदुत्व कहते हैं और आप इसे भारतीयता कह सकते हैं। संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता एक गलत वाक्यांश है, क्योंकि आप दो (अलग-अलग) लोगों को एकजुट कर रहे हैं, न कि उन्हें जो पहले से ही एक हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को समझने के लिए संवाद जरूरी है और संगठन की प्रकृति को धारणा एवं दुष्प्रचार के आधार पर नहीं समझा जा सकता।

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