समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नरेश उत्तम पटेल ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन भाजपा जानबूझकर विपक्ष की आवाज को अनसुना कर रही है। सपा ऐसे सामंतवादी और तानाशाही रवैये को सफल नहीं होने देगी।
नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, नौजवानों और आम जनता की समस्याओं से दूर है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और खरीद केंद्रों पर भाजपा से जुड़े लोगों का कब्जा है। युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि महंगाई ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में काला धन वापस लाने का वादा किया गया था, लेकिन वह केवल नारा साबित हुआ। अब ‘विकसित भारत 2047’ का सपना दिखाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। डबल इंजन सरकार में देश की अधिकांश आबादी परेशान और अपमानित महसूस कर रही है। पंचायत चुनाव की घोषणा अब तक न होने पर उन्होंने कहा कि सरकार अपनी गिरती लोकप्रियता से घबराई हुई है। पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और इन्हें टालना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
